Yemen में Indian Nurse Nimisha Priya को मिली बड़ी राहत, Death Sentence रद्द

Nimisha Priya Case Update: 2017 के हत्या मामले में दोषी पाई गई भारतीय नर्स Nimisha Priya को Yemen में Death Sentence से राहत मिली है। भारतीय ग्रैंड मुफ्ती A.P. Aboobacker Musliyar के दफ्तर ने दावा किया है कि उनकी सजा को पहले suspend किया गया था और अब उसे completely revoke कर दिया गया है। यह फैसला Sana, Yemen की राजधानी में एक high-level meeting के बाद लिया गया।

Death Penalty Now Cancelled: Grand Mufti Office का दावा

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, ग्रैंड मुफ्ती कार्यालय ने बताया कि पहले जो फांसी की सजा सस्पेंड की गई थी, अब उसे पूरी तरह nullify कर दिया गया है। इस संबंध में Sana में एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया।

हालांकि, अभी तक Yemen Government या भारत के Ministry of External Affairs (MEA) की तरफ से इस फैसले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Grand Mufti Office ने ये भी स्पष्ट किया कि उन्हें अब तक यमनी अधिकारियों से कोई official communication नहीं मिला है।

2017 Murder Case: क्या था पूरा मामला?

Nimisha Priya, जो केरल के Palakkad जिले से हैं, साल 2008 में बेहतर रोज़गार की तलाश में Yemen गई थीं। वहां उनकी मुलाकात यमनी नागरिक Talal Abdo Mahdi से हुई और दोनों ने मिलकर एक clinic खोलने का निर्णय लिया।

समय के साथ दोनों के संबंधों में खटास आ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, Talal ने खुद को Nimisha का पति बताना शुरू कर दिया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। यहां तक कि उसने कथित तौर पर Nimisha का passport भी जब्त कर लिया।

2017 में Nimisha ने कथित रूप से Talal को बेहोश करने की कोशिश की ताकि वह अपना पासपोर्ट वापस ले सके, लेकिन drug overdose की वजह से Talal की मौत हो गई। इस घटना के बाद Nimisha को गिरफ़्तार किया गया और 2018 में उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया।

India’s Efforts to Save Nimisha

Nimisha को 2020 में Death Sentence सुनाई गई थी और 2023 में उनकी final appeal भी खारिज हो गई थी। 38 साल की Nimisha फिलहाल Sana की एक जेल में बंद हैं। उन्हें 16 जुलाई 2024 को फांसी दी जानी थी, लेकिन लगातार भारतीय प्रयासों के बाद यह फांसी पहले postpone की गई और अब cancel होने की खबर सामने आई है।

भारत सरकार, विशेष रूप से विदेश मंत्रालय, Nimisha को बचाने के लिए लगातार यमन प्रशासन से diplomatic negotiation कर रहा था। इस मुद्दे को लेकर केरल के कई संगठनों और प्रवासी समूहों ने भी समर्थन जताया था।

अब आगे क्या?

Nimisha Priya को सजा-ए-मौत से मिली राहत को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। हालांकि अभी यमनी सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है, लेकिन ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर के दावे ने मामले में उम्मीदें जगा दी हैं। अगर यह फैसला आधिकारिक रूप से मान्यता पा लेता है, तो यह भारतीय नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से एक अहम उदाहरण होगा।

भारत सरकार और Nimisha की ओर से काम कर रहे संगठनों की नजर अब यमन की ओर से आने वाले किसी भी आधिकारिक बयान पर टिकी है।