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Ruckus in Parliament over 'Operation Sindoor': Questions raised on ceasefire, government gave direct challenge
संसद में सोमवार को ‘Operation Sindoor’ और Pahalgam Terror Attack को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने मोदी सरकार पर Donald Trump Mediation Claim को लेकर हमला बोला, तो सरकार ने इसे सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान के घुटने टेकने की पूरी कहानी संसद में पेश की।
दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाली चर्चा विपक्षी हंगामे की वजह से दो बार टली, लेकिन आखिरकार 2 बजे से जब लोकसभा में चर्चा शुरू हुई, तो रात तक यह गरमाई रही।
विदेश मंत्री जयशंकर का जवाब: “Trump का कोई रोल नहीं, पाकिस्तान खुद डर से झुका”
External Affairs Minister S. Jaishankar ने स्पष्ट किया कि India-Pakistan Ceasefire Agreement किसी अमेरिकी दबाव में नहीं बल्कि पाकिस्तान की कमजोरी और भारत की सैन्य शक्ति के कारण हुआ।
उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल से 17 जून 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कोई संवाद नहीं हुआ। फिर ट्रंप की Mediation का सवाल ही नहीं उठता।
जयशंकर ने बताया कि 9 मई को US Vice President JD Vance ने PM Modi से कॉल पर बात की थी। उन्होंने पाकिस्तान की हमले की तैयारी की जानकारी दी, जिस पर मोदी ने सख्त जवाब दिया – “अगर पाकिस्तान हमला करेगा, तो जवाब कहीं ज्यादा घातक होगा।”
9 मई की रात: India का जवाब और Pakistan की घुटनों पर गिरती हालत
जयशंकर के मुताबिक, 9-10 मई की रात भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तान को चौंका दिया। पाकिस्तान को लगा भारत Full-Scale War शुरू कर देगा, जिसके बाद वो Ceasefire की गुहार लगाने पर मजबूर हो गया।
Indian Army ने 6-7 मई को PoK और पाकिस्तान में सिर्फ 22 मिनट में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। साफ किया गया कि सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाया गया, नागरिकों या पाकिस्तानी सेना पर हमला नहीं किया गया।
इसके बावजूद पाकिस्तान ने जवाबी हमले की नाकाम कोशिश की। इस पर भारत ने 12 Pakistani Military Installations को टारगेट करते हुए कड़ा जवाब दिया।
ट्रंप के बयान पर संसद में हंगामा, कांग्रेस ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस के सांसद Gaurav Gogoi ने कहा कि ट्रंप 26 बार कह चुके हैं कि उन्होंने India-Pakistan war को रोकवाया। उन्होंने सरकार से पूछा – “अगर पाकिस्तान झुक रहा था, तो भारत ने Ceasefire क्यों किया? क्या PM मोदी ने किसी दबाव में झुकाव दिखाया?”
रक्षा मंत्री का जवाब: “अगर दुश्मन ने हिमाकत की, तो फिर से शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर”
Defence Minister Rajnath Singh ने संसद में कहा – “Ceasefire स्थायी नहीं है, सिर्फ रोका गया है। अगर पाकिस्तान फिर से आतंक फैलाने की कोशिश करता है, तो Operation Sindoor will be relaunched with full force।”
राजनाथ ने बताया कि 12 मई को DGMO-level talks में Ceasefire पर सहमति बनी, लेकिन पाकिस्तान की मंशा पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, “हमने दुश्मन को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया। अगर सवाल है कि ऑपरेशन सफल रहा – तो हां। अगर सवाल है कि हमने शहीदों का बदला लिया – तो हां। और अगर सवाल है कि हमने नुकसान झेला – तो नहीं।”
गोगोई के सवाल: “हमारे Fighter Jets ने पास से हमला क्यों नहीं किया?”
गौरव गोगोई ने कहा कि CDS ने सिंगापुर में कहा कि हमने दूर से हमला किया, क्योंकि गलतियों से सीखा। गोगोई बोले – “अगर हमारे पास World-Class Fighter Jets और Best Pilots हैं, तो पास जाकर हमला क्यों नहीं किया गया?”
उन्होंने यह भी पूछा कि पहलगाम में आतंकी घुसे कैसे? सरकार बताए कि Intelligence Failure कहां हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर: 22 मिनट में तहस-नहस कर दिए गए आतंकी अड्डे
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने Muridke और Bahawalpur के आतंकवादी ठिकानों को सिर्फ 22 मिनट में तबाह कर दिया।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि शौर्य की लालिमा है। यह भारत के माथे पर वीरता की लाली है।”
पाकिस्तान अकेला नहीं था, पीछे था China?
गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान China backed Pakistan from behind. उन्होंने पूछा, “जो सरकार China पर सख्ती की बात करती है, उसने इस हमले के दौरान China की भूमिका पर चुप्पी क्यों साधी?”
पहलगाम हमले की असलियत: “धर्म पूछकर मारे गए 26 पर्यटक”
राजनाथ ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हमला हुआ जिसमें 26 निर्दोष मारे गए। आतंकियों ने उनका धर्म पूछकर गोली मारी। इसके बाद सरकार ने सेना को पूरी छूट दी – “Do whatever is necessary.”
मोदी के नेतृत्व में भारत किसी भी हद तक जा सकता है: रक्षा मंत्री की चेतावनी
राजनाथ सिंह बोले – “अब हमने Sudharshan Chakra उठा लिया है। ये नया भारत है, जो शांति चाहता है लेकिन आतंकवाद फैलाने वालों को छोड़ता नहीं। Pakistan की सेना और ISI Proxy War करते हैं। अब India किसी भी हद तक जा सकता है।”
क्या ट्रंप का दावा महज एक राजनीतिक शोर है?
अब सवाल यही है कि क्या Donald Trump सच में Ceasefire के Hero थे, या उन्होंने सिर्फ एक Political Credit Claim किया? सरकार का जवाब साफ है – “पाकिस्तान ने डर के मारे घुटने टेके थे, ट्रंप सिर्फ अपनी ब्रांडिंग कर रहे हैं।”
विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं, लेकिन संसद में चली इस बहस ने एक बात तो साफ कर दी – भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता, Proactive Military Strike उसकी नई रणनीति है।