गुरुग्राम मर्डर केस: राधिका यादव की हत्या का सच, क्या था पिता के गुनाह का कारण?

गुरुग्राम में हुई राष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने का दावा किया है। अधिकारियों ने इसे एक ‘Open and Shut Case’ बताते हुए जल्द ही चार्जशीट (chargesheet) दाखिल करने की बात कही है। हालांकि, हत्या के पीछे का motivation अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है।

11 जुलाई की सुबह, 4 गोलियों से की गई हत्या

25 वर्षीय Radhika Yadav की गुरुग्राम के सुशांत लोक, सेक्टर 57 में उनके पिता दीपक यादव ने कथित रूप से चार गोलियां मारकर हत्या कर दी। यह वारदात उनके दो मंज़िला घर में हुई, जब राधिका अपनी मां के जन्मदिन के लिए रसोई में नाश्ता बना रही थी।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पिता ने अपराध से पहले बेटे को दूध लाने भेजा, जबकि आमतौर पर वह खुद यह काम करता था। इससे पुलिस को संकेत मिला कि हत्या पूर्व-नियोजित (pre-planned) थी।

पुलिस का दावा: पर्याप्त सबूत हैं चार्जशीट के लिए

Gurugram Police PRO संदीप कुमार के अनुसार:

आरोपी दीपक यादव ने गुनाह कबूल कर लिया है।

मर्डर वेपन (लाइसेंसी रिवॉल्वर) और चार कारतूस बरामद कर लिए गए हैं।

फॉरेंसिक इनपुट, कबूलनामा और मोबाइल चैट्स जैसे कई साक्ष्य चार्जशीट में शामिल किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर आरोप लगाने वालों के वीडियो बयानों को चार्जशीट में शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि वे जांच का आधिकारिक हिस्सा नहीं हैं।

राधिका की दोस्त ने हत्या को बताया “पूर्वनियोजित”, आरोप लगाया सामाजिक दबाव का
राधिका की करीबी मित्र हिमांशिका सिंह राजपूत ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि यह premeditated murder था। उन्होंने आरोप लगाया कि:

पिता ने हत्या की योजना तीन दिन पहले ही बना ली थी।

वह सामाजिक दबाव में थे और बेटी की सफलता से जलने वाले लोगों के कहने पर ऐसा किया।

गांव में लोग दीपक यादव को राधिका की कमाई पर जीने का ताना देते थे।

सोशल मीडिया पर कम फॉलोअर्स, फिर भी दबाव?

राधिका का Instagram account private था और उसमें केवल 69 followers थे। पुलिस का कहना है कि वह सोशल मीडिया influencer नहीं थी, और उसकी सोशल मीडिया उपस्थिति व हत्या के मकसद के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।

पुलिस की पूछताछ में क्या निकला?

पुलिस ने गांव के 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की, जिनमें परिवार के करीबी भी शामिल थे। किसी ने भी यह स्वीकार नहीं किया कि उन्होंने दीपक यादव को बेटी के खिलाफ भड़काया।

दीपक यादव ने स्वीकार किया कि लोगों के तानों, बेटी की कमाई पर निर्भरता, और उसके आज़ाद ख्यालों ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया था।

WhatsApp चैट्स में राधिका की बेचैनी

राधिका के मोबाइल से मिले चैट्स में वह अपने कोच को लिखती है:

“जिंदगी का मजा लेना चाहती हूं, इधर कुछ पाबंदियां हैं।”

उसने दुबई या ऑस्ट्रेलिया जाकर पढ़ाई और independent life की बात कही थी।

मां का नाम एफआईआर में नहीं

घटना के वक्त घर में मौजूद राधिका की मां मंजू यादव का नाम पुलिस रिकॉर्ड में आरोपियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है।

Radhika Yadav Murder Case में पुलिस का रुख स्पष्ट है—गुनहगार ने अपराध स्वीकार किया है, और पर्याप्त भौतिक साक्ष्य मौजूद हैं। लेकिन हत्या की मनोवैज्ञानिक परतें, सामाजिक दबाव और व्यक्तिगत नाराजगी जैसे तत्व अभी भी इस केस को और गहराई से समझे जाने की मांग करते हैं।