जानिए क्यों खास है वो पत्ता जिस पर Caribbean Dinner में PM Modi ने किया भोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने सबसे लंबे विदेशी दौरे पर हैं। 2 जुलाई से शुरू हुए इस 9 दिवसीय Diplomacy Tour में वह घाना, त्रिनिडाड और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया जैसे देशों की यात्रा कर रहे हैं।

इसी यात्रा के दौरान जब प्रधानमंत्री Trinidad and Tobago पहुंचे, तो वहां की प्रधानमंत्री कमला परसाद-बिसेसर ने उन्हें एक विशेष रात्रि भोज पर आमंत्रित किया। इस भोज में जहाँ पारंपरिक कैरिबियन और भारतीय व्यंजन परोसे गए, वहीं सभी की नज़र उस बड़े हरे पत्ते पर थी जिस पर खाना रखा गया था — Sohari Leaf।

क्या है Sohari का पत्ता? (What is Sohari Leaf?)

Sohari Leaf, जिसे स्थानीय रूप में Bijaao Leaf या Sigar Plant भी कहा जाता है, दरअसल Calathea Lutea नामक पौधे का पत्ता है। ये पत्ते:

केले के पत्ते जैसे दिखते हैं

लंबाई में लगभग 1 मीटर और पौधे की ऊँचाई 3 मीटर तक होती है

कैरिबियन के गर्म और नम जलवायु में ये पत्ते बेहद मजबूत और टिकाऊ होते हैं

इनका उपयोग प्लेट की जगह खाने को परोसने या लपेटने में किया जाता है

Sohari Leaf न सिर्फ eco-friendly food serving का एक बढ़िया विकल्प है, बल्कि यह वहां की सांस्कृतिक पहचान (Cultural Identity) भी बन चुका है।

‘Sohari’ शब्द का भारतीय कनेक्शन

‘Sohari’ शब्द मूल रूप से भोजपुरी भाषा से आया है, जिसका अर्थ होता है – देवताओं को अर्पित किया जाने वाला भोजन।

पुराने समय में पूजा में दी गई घी लगी रोटी को ‘सोहरी’ कहा जाता था। यह रोटी अक्सर बड़े हरे पत्ते पर परोसी जाती थी, और कालांतर में वह पत्ता ही ‘सोहरी’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

आज भी त्रिनिडाड में Diwali, Ramnavami, और पारंपरिक भोज में भोजन इसी Sohari पत्ते पर परोसा जाता है।

Trinidad में भारतीय विरासत का प्रतीक

त्रिनिडाड और टोबैगो की लगभग 42% आबादी भारतीय मूल की है, जिनके पूर्वज 1845 से 1917 के बीच गिरमिटिया मज़दूर के रूप में भारत से यहाँ आए थे।

आज भी उनके त्योहार, भाषा, खान-पान और रीति-रिवाज़ों में भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है। Sohari Leaf उन्हीं परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।

Sohari Leaf और PM Modi: केवल प्लेट नहीं, सम्मान का प्रतीक
जब प्रधानमंत्री मोदी को Sohari Leaf पर भोजन परोसा गया, तो वह केवल एक पारंपरिक तरीका नहीं था, बल्कि भारतीय मूल के लोगों द्वारा दिखाया गया गहरा सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव था।

PM Modi ने खुद X (पूर्व Twitter) पर इस अनुभव को साझा किया और लिखा कि यह पत्ता त्रिनिडाड के भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व का प्रतीक है।