ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम बना परेशानी, यूपी के शिक्षक बोले- अब जाएंगे कोर्ट
Online Teacher Transfer in UP: उत्तर प्रदेश के aided schools में शिक्षकों के online transfer process को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी पहल के तहत शुरू हुई ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया अब प्रबंधकों की लापरवाही के चलते विवादों में घिर गई है। करीब 57,000 शिक्षकों में से 1772 ने तबादले के लिए आवेदन किया था, लेकिन केवल 360 शिक्षकों का ही स्थानांतरण हो पाया।
प्रबंधकों की अनदेखी से लटका ऑनलाइन तबादला सिस्टम
सूत्रों के अनुसार अधिकांश school managers ने शिक्षकों के ट्रांसफर फाइल को forward ही नहीं किया, जिसके कारण ऑनलाइन प्रक्रिया अधर में लटक गई। प्रबंधकों की यह मनमानी अब teacher unions के विरोध का कारण बन गई है। कई शिक्षक इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी में हैं।
Offline या Online: शिक्षा विभाग की दोहरी नीति पर उठे सवाल
शुरुआत में Education Department ने ऑफलाइन तबादलों की अनुमति दी थी, लेकिन 14 जून को अचानक आदेश जारी कर दिए गए कि अब सिर्फ ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे। इससे पहले जिन प्रबंधकों ने ऑफलाइन संस्तुति दी थी, वे अब ऑनलाइन तबादले को मानने से इनकार कर रहे हैं। इस भ्रम की स्थिति में स्थानांतरित शिक्षक नई जगह joining तक नहीं कर पा रहे हैं।
संघों का अल्टीमेटम: आंदोलन और घेराव की चेतावनी
UP Secondary Teachers Association अब इस मामले को लेकर आंदोलन के मूड में है। संगठन के पाण्डेय गुट के प्रवक्ता Om Prakash Tripathi ने कहा, “तबादलों में दोहरी प्रणाली शिक्षकों के साथ अन्याय है। हम Madhyamik Shiksha Nideshalaya का घेराव करेंगे।”
क्या मिलेगा समाधान? विभाग ढूंढ़ रहा नई रणनीति
जानकारों का मानना है कि aided school transfer policy में जब तक प्रबंधकों की संस्तुति को अनिवार्य रखा जाएगा, तब तक ऑनलाइन प्रणाली सफल नहीं हो पाएगी। अब विभाग offline resolution mechanism पर फिर से विचार कर रहा है ताकि शिक्षक लंबे समय तक भटकते न रहें।