ईरान-इज़राइल युद्ध के बाद रिपोर्ट विवाद: क्या अमेरिका का हमला विफल रहा? व्हाइट हाउस ने दी सफाई

मध्य पूर्व में 12 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद ईरान, इज़राइल और अमेरिका तीनों ने खुद को विजेता घोषित किया है। इस युद्ध का अंत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित Ceasefire Agreement के साथ हुआ, लेकिन इसके बाद एक गोपनीय अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट (DIA Report) ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

🇮🇷 ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों का असर कितना हुआ?

US Defense Intelligence Agency (DIA) की एक शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Iran Nuclear Program) को पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि हमले से तेहरान की परमाणु क्षमताएं सिर्फ कुछ महीने पीछे जरूर गईं, लेकिन वे पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं।

 सिर्फ प्रवेश द्वार सील हुए, अंदरूनी संरचना बची रही

रिपोर्ट के अनुसार, Fordo, Natanz और Isfahan जैसे परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों में केवल सतही क्षति हुई। Underground Nuclear Facilities को नष्ट नहीं किया जा सका और Uranium Enrichment Infrastructure यानी सेंट्रीफ्यूज भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।

 व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट को बताया ‘झूठा और दुर्भावनापूर्ण लीक’

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कार्लाइन लेविट ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट ‘अत्यधिक गोपनीय’ थी और इसे लीक करना राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी वायुसेना के बहादुर पायलटों को बदनाम करने की कोशिश है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर लिखा:

“जब आप 30,000 पाउंड के बम 14 बार सही निशाने पर गिराते हैं, तो नतीजा सिर्फ और सिर्फ विनाश होता है।”

 राजनीतिक और रणनीतिक दबाव के बीच युद्ध विराम

हालांकि Israel-Iran Conflict में Ceasefire लागू हो चुका है, लेकिन West Asia (Middle East) में हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह शांति अस्थायी हो सकती है, खासकर जब एक ओर अमेरिका रिपोर्ट के लीक को लेकर घिरा हुआ है और दूसरी ओर ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को फिर से तेज कर सकता है।