Kashi Vishwanath Scam: दर्शन के नाम पर ठगी, पुलिस ने गिरोह को पकड़ा

Kashi Vishwanath Temple में दर्शन कराने के नाम पर श्रद्धालुओं से उगाही और दुर्व्यवहार करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। Chowk और Dashashwamedh थाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी को BNS की धारा 170/126/135 के तहत जेल भेजा गया है।

 क्या था गिरोह का तरीका?

गिरफ्तार आरोपी खुद को मंदिर में ‘गाइड’ या ‘सेवक’ बताकर बाहर से आए भक्तों को Quick Darshan का झांसा देते थे। ये लोग मंदिर में प्रवेश से पहले ही भारी रकम वसूलते थे और बाद में भक्तों को छोड़कर गायब हो जाते थे। कई मामलों में उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया।

 लगातार मिल रही थीं शिकायतें

ACP Dashashwamedh डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के अनुसार, बीते कई दिनों से शिकायतें आ रही थीं कि कुछ लोग दर्शन के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। CCTV फुटेज की जांच के बाद इन लोगों की पहचान की गई और सोमवार को विशेष अभियान के तहत इन्हें गिरफ्तार किया गया।

 पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार लोग

चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला और दशाश्वमेध इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरोह के सदस्य बाहरी भक्तों को टारगेट करते थे, जो पहली बार काशी आते थे और दर्शन की जल्दी में होते थे।

गिरफ्तार आरोपी:

निखिल पांडेय, राजू पांडेय, लकी पांडेय (बड़ी पियरी), प्रतीक सिंह (बांसफाटक), मोनू सिंह (बलुआबीर), गुरु प्रसाद जायसवाल उर्फ ऋषि, छोटू पांडेय (लहरतारा), विशाल पांडेय, ईशान मिश्रा, विनायक मिश्रा (दुर्गाकुंड, भेलूपुर), संकठा प्रसाद (छोटी पियरी), रंधावा विश्वकर्मा (रामापुरा), अमीर (रसूलागंज, मिर्जापुर), संजय पांडेय (चौकाघाट), मनीष पांडेय (त्रिलोचन बाजार), सचिन जायसवाल (सोनारपुरा), गोलू साहनी (पड़ाव), अजय कुमार (महमूरगंज), बृजेश कुमार, पवन साहनी (जंगमबाड़ी) और अजय कुमार (मुगलसराय)।

 श्रद्धालुओं में आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि दर्शन के दौरान ऐसे लोगों की पहचान और रोकथाम के लिए सख्त निगरानी होनी चाहिए।