6 साल में बनी ‘मेरा नाम जोकर’ क्यों हो गई थी फ्लॉप? राज कपूर का ड्रीम प्रोजेक्ट कैसे बना दर्द?

हिंदी सिनेमा के ‘Showman’ Raj Kapoor को जब भी याद किया जाता है, उनकी महान कृतियों में एक नाम जरूर आता है – ‘Mera Naam Joker’। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडियन सिनेमा की इस क्लासिक फिल्म को बनने में छह साल लगे थे और जब यह रिलीज हुई, तो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई?

राज कपूर का ड्रीम प्रोजेक्ट था ‘Mera Naam Joker’

1970 में रिलीज हुई फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ राज कपूर के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उनका सपना था। R.K. Films के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन और मुख्य भूमिका खुद राज कपूर ने निभाई। इसमें ऋषि कपूर ने उनके बचपन का किरदार अदा किया था।

फिल्म की स्क्रिप्ट और विज़न इतने विशाल थे कि इसके लिए एक या दो नहीं बल्कि 6 साल का समय लग गया। इस दौरान राज कपूर ने कई तरह की पर्सनल और प्रोफेशनल कुर्बानियां दीं।

 इतनी बड़ी स्टारकास्ट बनी देरी की वजह

‘Mera Naam Joker’ की स्टारकास्ट में शामिल थे – मनोज कुमार, धर्मेंद्र, सिमी ग्रेवाल, पद्मिनी, दारा सिंह, केसेनिया रयाबिनकिना, ओम प्रकाश, अचला सचदेव जैसे बड़े नाम।

हर किसी के साथ शेड्यूल मैच करना इतना मुश्किल था कि प्रोजेक्ट बार-बार टलता गया। साथ ही, फिल्म के तीन हिस्से थे – तीनों में अलग-अलग प्रेम कहानियां दिखाई गई थीं, जिससे स्क्रिप्ट और शूटिंग प्रोसेस और जटिल हो गया।

 राज कपूर ने गिरवी रख दी थी प्रॉपर्टी

राज कपूर इस प्रोजेक्ट को लेकर इतने जुनूनी थे कि उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी, स्टूडियो और यहां तक कि घर भी गिरवी रख दिया।

उन्होंने किसी की सलाह नहीं मानी और फिल्म में अपना सब कुछ झोंक दिया। लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो डबल इंटरवल और 4 घंटे का रनटाइम ऑडियंस को पसंद नहीं आया।

फिल्म की असफलता से टूट गए थे राज कपूर

फिल्म की असफलता से राज कपूर को गहरा धक्का लगा। कहा जाता है कि वो करीब एक साल तक लोगों से मिलना-जुलना बंद कर चुके थे। लेकिन इस अंधेरे के बाद उन्होंने एक और बड़ा जोखिम उठाया – ‘Bobby’ (1973) बनाई, जिसमें उन्होंने अपने बेटे ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया को लॉन्च किया।

‘Bobby’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया और राज कपूर की किस्मत को दोबारा जगा दिया।

रणधीर कपूर ने बताई फ्लॉप होने की असली वजह

जब लोग फिल्म के फ्लॉप होने की वजह लंबा रनटाइम और डबल इंटरवल बताते रहे, रणधीर कपूर ने एक इंटरव्यू में इसका असली कारण बताया। उन्होंने कहा:

“‘Mera Naam Joker’ उस वक्त भले ही फ्लॉप हो गई हो, लेकिन आज ये हिंदी सिनेमा की सबसे कल्ट फिल्मों में से एक है। शायद उस वक्त की ऑडियंस इस सोच और गहराई को समझने के लिए तैयार नहीं थी।”