Putin पर Trump का फूटा गुस्सा: “उसे क्या हो गया है… इतने लोगों को क्यों मार रहा है?” – Ukraine पर सबसे बड़ा हमला देख बिफरे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर तबाही की नई हदें पार कर दी हैं। Russia ने Ukraine पर अब तक का सबसे बड़ा एयर स्ट्राइक किया है, जिसमें 367 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा शहरों को नुकसान पहुंचा। इस भयंकर हमले के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने पहली बार खुलकर Vladimir Putin पर नाराजगी जताई और उनके रवैये को ‘चौंकाने वाला’ बताया।

पता नहीं उसे क्या हो गया है”: ट्रंप

न्यू जर्सी के मोरिस्टाउन एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा,

“मैं पुतिन से बिल्कुल खुश नहीं हूं। मैंने उन्हें लंबे समय से जाना है, हमारे संबंध अच्छे रहे हैं, लेकिन अब वह शहरों पर रॉकेट बरसा रहे हैं और निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं। ये मुझे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि जब वह दोनों देशों के बीच Peace Talks की कोशिश कर रहे थे, उसी समय रूस ने Kyiv समेत कई यूक्रेनी शहरों पर हमला कर दिया।

“हम बातचीत की कोशिश कर रहे हैं और वह रॉकेट फेंक रहा है? यह सही नहीं है। उस आदमी को कुछ तो हो गया है।”

रूस का अब तक का सबसे बड़ा हमला

शनिवार रात से रविवार सुबह तक हुए इस अभूतपूर्व हमले में Russia ने 367 मिसाइल और ड्रोन यूक्रेन पर दागे। यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया कि उसने 266 ड्रोन और 45 मिसाइलों को मार गिराया, फिर भी देश के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है। President Zelensky के मुताबिक, 30 से ज्यादा शहर और गांव इस हमले में निशाना बने हैं।

Zelensky ने अमेरिका की चुप्पी पर उठाए सवाल

इस हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,

“दुनिया छुट्टी पर जा सकती है, लेकिन युद्ध नहीं। अमेरिका की खामोशी पुतिन को और खतरनाक बना रही है।”

ट्रंप ने पुतिन से की बात, लेकिन वार्ता विफल

ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने बीते हफ्ते पुतिन से दो घंटे फोन पर बातचीत की और ज़ेलेंस्की से भी संपर्क साधा था, ताकि दोनों पक्षों को Turkey में प्रस्तावित शांति वार्ता के लिए मनाया जा सके। लेकिन पुतिन तय समय पर वार्ता में शामिल नहीं हुए।

“पुतिन का न आना शांति की उम्मीदों को गहरी चोट पहुंचाता है।”