UP: 17 साल बाद मिला इंसाफ, बुज़ुर्ग सास को दामाद की हत्या मामले में आजीवन कारावास

Uttar Pradesh के Lakhimpur Kheri जिले में 17 साल पुराने सास-दामाद हत्या कांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 80 वर्षीय Nisar Jahan को दामाद Aqil Ahmed की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास और ₹20,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है। फैसला ADJ देवेंद्रनाथ सिंह की अदालत ने सुनाया।

क्या था मामला?

पीड़ित अकील अहमद, सीतापुर पीएसी में मुख्य आरक्षी थे और उनका विवाह लखीमपुर के सुंदरवल गांव निवासी एहतेशाम की बेटी शाहीन उर्फ रिंकी से हुआ था। पारिवारिक तनाव के चलते अकील पर पत्नी और ससुरालवालों द्वारा अलग रहने और तलाक का दबाव बनाया जा रहा था।

6 फरवरी 2008 को अकील को बीमार पत्नी” के बहाने लखीमपुर बुलाया गया, जहां ससुराल पक्ष ने पहले मारपीट की और फिर आग लगाकर हत्या कर दी। रात करीब 12 बजे भाई खलील को कोतवाली से फोन पर सूचना मिली कि अकील की हत्या हो गई है। जब वह मौके पर पहुंचा, तो अकील का शव बाथरूम में जला हुआ और क्षत-विक्षत मिला।

FIR और कोर्ट की कार्यवाही

भाई खलील की तहरीर पर 8 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें शामिल थे:

  • ससुर एहतेशाम

  • सास निसार जहां

  • पत्नी शाहीन

  • साला असलम

  • असलम की पत्नी जेबा

  • नसरीन

  • जावेद

  • अन्य

पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, लेकिन ससुर एहतेशाम और साले असलम की मौत हो चुकी थी। बाकी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला।

अभियोजन पक्ष ने मजबूत गवाह पेश किए, जिससे 80 वर्षीय सास निसार जहां को अकील की हत्या का दोषी पाया गया। अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।