500 गांवों में बिजली गुल! बरेली ब्लैकआउट पर SE और XEN निलंबित, सरकार ने दिखाई सख्ती

UP Power Crisis: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 500 गांवों में 30 घंटे तक बिजली सप्लाई ठप रहने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ट्रांसमिशन सिस्टम में भारी लापरवाही पर SE (Superintending Engineer) और XEN (Executive Engineer) को सस्पेंड कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) के प्रबंध निदेशक डॉ. रूपेश कुमार ने यह कड़ा ऐक्शन लिया है।

क्या है पूरा मामला?

22 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन स्टेशन पर लगे दोनों 40 MVA के ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए थे। इनमें से एक ट्रांसफॉर्मर पहले ही 9 अप्रैल को फुंक चुका था, जबकि दूसरा 22 अप्रैल दोपहर 3:10 बजे खराब हुआ।

इस गड़बड़ी की वजह से नवाबगंज, रिठौरा, हाफिजगंज, चुनुआ और क्योलड़िया के पांच पावर हाउस ठप हो गए, जिससे इनसे जुड़े 500 गांवों में अंधेरा छा गया

किन अफसरों पर गिरी गाज?

  • XEN नरेश कुमार

  • SE पूरन चंद्र

इन दोनों को विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लापरवाही और अनुरक्षण कार्य में लचीलापन बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान दोनों अधिकारियों को मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन मध्य लखनऊ से संबद्ध किया गया है।

विधायक की शिकायत बनी कार्रवाई की वजह

नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य ने ब्लैकआउट की सूचना मिलने पर विभागीय अधिकारियों पर नाराजगी जताई और मुख्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहते और स्थानीय स्तर पर मेंटेनेंस में लापरवाही बरती जा रही थी।

डायरेक्टर पहुंचे मौके पर, देर शाम तक चला रिस्टोरेशन वर्क

ब्लैकआउट की खबर पर 23 अप्रैल को डायरेक्टर कमर्शियल योगेश कुमार स्वयं बरेली पहुंचे। उन्होंने मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन जेपी विमल और अन्य अधिकारियों के साथ लाइन जोड़ने के कार्य की निगरानी की। देर शाम तक काम चलता रहा ताकि आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके।

500 गांवों में अंधेरा, बिजली सेवाओं पर उठे सवाल

यह ट्रांसमिशन स्टेशन नवाबगंज के लाडपुर उस्मानपुर 132 केवी पावर स्टेशन से जुड़ा है, जिससे आसपास के 5 पावर हाउस को बिजली मिलती है। जब दोनों ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए तो पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया