अब जमीन नहीं, आसमान से लटकेगी इमारत! दुबई में बनेगा दुनिया का पहला फ्लोटिंग टावर – ‘Analemma Tower’
अब इमारतें सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान से लटकती हुई भी नजर आएंगी। अमेरिका की एक आर्किटेक्चर फर्म ने जो विजन पेश किया है, वह कल्पनाओं से परे है। आने वाले वर्षों में दुबई के ऊपर एक ऐसी गगनचुंबी इमारत नजर आ सकती है जो धरती से नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में एक घूमते हुए एस्टेरॉइड से लटकी होगी। इस विज्ञान-कल्पनाओं जैसी परियोजना का नाम है – Analemma Tower.
Analemma Tower: एक नजर में
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डिज़ाइन किया: Clouds Architecture Office, New York
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तकनीक आधारित: Universal Orbital Support System (UOSS)
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स्थान: प्रस्तावित रूप से दुबई
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ऊर्जा स्रोत: Space Solar Panels
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पानी की व्यवस्था: Rainwater & Cloud Moisture Recycling
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विशेषता: ज़मीन पर नहीं टिका, बल्कि एस्टेरॉइड से लटका होगा
क्या है Floating Skyscraper Concept?
Clouds Architecture Office के अनुसार, Analemma Tower एक ऐसा floating building होगा जो एक geosynchronous orbit में घूमते एस्टेरॉइड से high-strength cables के माध्यम से लटका होगा। यह टावर सीधे धरती से जुड़ा नहीं होगा, बल्कि हवा में झूलता नजर आएगा।
Figure-8 में घूमेगा टावर, सतह से बना रहेगा संपर्क
टावर हर दिन पृथ्वी के चारों ओर Figure-8 Pattern में घूमेगा। इस पैटर्न में इसकी गति दो स्थानों पर – ऊपर और नीचे – सबसे कम होगी, जिससे टावर में रहने वाले लोग उस समय पृथ्वी की सतह से इंटरैक्शन कर पाएंगे। यानी, कभी-कभी आप सीधे टावर से जमीन तक आ-जा सकेंगे।
बनाया जाएगा ज़मीन पर, फिर ले जाया जाएगा हवा में
इस टावर को ज़मीन पर कहीं भी निर्मित किया जा सकता है, फिर air-lift करके उसे geosynchronous orbit में सेट किया जाएगा। इसका प्राथमिक निर्माण स्थल दुबई प्रस्तावित है – जो पहले से ही world’s tallest buildings के लिए मशहूर है।
ऊर्जा और जल की अनोखी व्यवस्था
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सोलर एनर्जी: टावर को ऊर्जा स्पेस में स्थापित solar panels से मिलेगी, जो धरती के वातावरण से ऊपर होंगे और 24×7 सूरज की रोशनी में रहेंगे।
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वाटर सिस्टम: इसमें एक advanced moisture recycling system होगा, जो बारिश और बादलों से नमी इकट्ठा कर उसे पीने योग्य पानी में बदलेगा।