IMF से पाकिस्तान को मिले Loan पर भड़के Rajnath Singh, बोले- आतंक फैलाएगा इस फंड से

Defence Minister Rajnath Singh ने गुजरात के भुज एयरबेस से एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि IMF द्वारा पाकिस्तान को दिया गया 1 Billion Dollar का Loan एक गंभीर और गलत निर्णय (strategic blunder)” है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान इस फंड का इस्तेमाल terrorist activities को बढ़ाने और terror infrastructure को मजबूत करने में करेगा।

उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि IMF जैसे international financial institution को दोबारा इस फैसले पर rethink करना चाहिए। इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद के पोषण में होगा, न कि जनता की भलाई में।

भुज से दिया सुरक्षा का संदेश – “Missile की नहीं, ये भारतीय वीरता की गूंज थी

Rajnath Singh, जो Operation Sindoor के बाद सैन्य ठिकानों के दौरे पर हैं, ने भुज में Air Force personnel से मुलाकात की और उनकी वीरता को salute किया। उन्होंने कहा:

“आपने जितनी जल्दी दुश्मनों को जवाब दिया, उतनी देर में लोग नाश्ता भी नहीं कर पाते। आपने उनकी ज़मीन पर मिसाइलें दागीं और पूरी दुनिया ने भारतीय सैनिकों की ताकत को महसूस किया।”

उन्होंने इसे strategic dominance और decisive military action का प्रतीक बताया।

IMF Bailout: पाकिस्तान को 25वीं बार पैकेज, फिर भी हालत बेहाल

पाकिस्तान को IMF से मिला यह bailout package उसकी failing economy को संभालने के लिए है। लेकिन राजनाथ सिंह की चेतावनी है कि इस मदद का इस्तेमाल economy stabilization के बजाय Jihadi network को मजबूत करने में किया जाएगा।

  • पाकिस्तान अब तक 25 बार IMF Bailout ले चुका है।

  • 2024 में पाकिस्तान default के कगार पर पहुंच चुका था।

  • प्रधानमंत्री Shahbaz Sharif ने चुनाव में वादा किया था कि अब नया bailout नहीं लेंगे, पर हकीकत सामने है।

India’s Security Concerns: International Community से Rajnath की अपील

Rajnath Singh ने global community से अपील की कि वे Pakistan’s nuclear program और foreign funding पर सख्त निगरानी रखें। उन्होंने कहा:

“ऐसा नहीं हो सकता कि कोई देश बार-बार लोन लेकर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहे और दुनिया खामोश रहे।”

IMF द्वारा पाकिस्तान को दिया गया नया लोन केवल एक economic assistance नहीं है, यह एक geo-political risk भी बन सकता है। भारत की ओर से चेतावनी स्पष्ट है – अगर वैश्विक संस्थाएं ऐसे निर्णय बिना terror monitoring mechanism के लेती हैं, तो इसका सीधा असर South Asia की security balance पर पड़ेगा।

भारत आतंकवाद पर समझौता नहीं करेगा – और न ही उसे बढ़ावा देने वालों को चुपचाप देखेगा।