पहलगाम से ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर तक: संसद को मिलेगी भारत-पाक सैन्य टकराव की गोपनीय जानकारी
भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य संघर्ष और सीजफायर समझौते को लेकर आने वाले सप्ताह में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम होने जा रहा है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी 19 मई को संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति को पूरे घटनाक्रम की गोपनीय ब्रीफिंग देंगे। यह ब्रीफिंग 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले से लेकर 10 मई को हुए संघर्षविराम समझौते तक की कड़ी घटनाओं पर केंद्रित होगी।
पहलगाम हमला: जिसने सबकुछ बदल दिया
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22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत ने देश को झकझोर दिया।
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यह हमला जम्मू-कश्मीर में शांति प्रक्रिया को चुनौती देने वाला था, जिसके बाद भारत सरकार ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई का संकल्प लिया।
ऑपरेशन सिंदूर: सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक की नई परिभाषा
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7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत गुलाम कश्मीर और पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
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यह ऑपरेशन मात्र 25 मिनट चला, लेकिन इसका असर रणनीतिक दृष्टि से बड़ा था।
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पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में ड्रोन और गोलाबारी का सहारा लिया, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने हर प्रयास को नाकाम कर दिया।
पाकिस्तान की जवाबी हरकतें और भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया
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8-9 मई की रातों में पाकिस्तान ने 300 से अधिक ड्रोन भारत की ओर भेजे, लेकिन एक भी मिशन सफल नहीं हो सका।
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इसके बाद भारत ने 10 मई को पाकिस्तानी सेना के मुख्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर सटीक मिसाइल हमले किए।
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इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को 35-40 सैनिकों के नुकसान की खबर है।
सीजफायर की घोषणा: ट्रंप की मध्यस्थता या रणनीतिक मजबूरी?
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10 मई की रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी।
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विदेश सचिव मिसरी ने शाम 6 बजे संघर्ष के अंत की औपचारिक घोषणा की।
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11 और 12 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच वार्ता हुई, जिसमें सीमाओं से फौजों की संख्या में कटौती पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी का कड़ा संदेश: “अब टेरर और टॉक साथ नहीं चलेंगे”
12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“अब पाकिस्तान से कोई भी बातचीत सिर्फ आतंकवाद पर होगी। टेरर और टॉक, टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते। पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता।”
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की नई आतंकवाद विरोधी नीति करार दिया और यह भी कहा कि भारत परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
📆 तारीख |
📌 घटना |
22 अप्रैल |
पहलगाम आतंकी हमला: 26 नागरिक मारे गए |
23 अप्रैल |
पीएम मोदी सऊदी दौरा बीच में छोड़ भारत लौटे |
24 अप्रैल |
मधुबनी में पीएम ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी |
7 मई |
ऑपरेशन सिंदूर: 9 आतंकी ठिकाने तबाह |
8-9 मई |
पाकिस्तानी ड्रोन हमलों का विफल प्रयास |
10 मई |
भारत की बड़ी सैन्य कार्रवाई, ट्रंप की मध्यस्थता से सीजफायर |
11 मई |
भारतीय सेना: 35-40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए |
12 मई |
पीएम मोदी ने दी तीन स्पष्ट शर्तें, डीजीएमओ स्तर की वार्ता |
संसद में क्यों है यह ब्रीफिंग अहम?
विदेश मामलों की समिति को होने वाली यह ब्रीफिंग:
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भारत की आक्रामक विदेश नीति की रणनीति को समझने का जरिया होगी,
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डिफेंस डिप्लोमेसी में भारत की नई भूमिका को रेखांकित करेगी,
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और यह बताएगी कि कैसे भारत ने सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर किया।