‘अब शुभम की आत्मा को शांति मिली’ – पहलगाम हमले में मारे गए शुभम की पत्नी का बयान

भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों (Pakistan Airstrike) पर तड़के सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) के द्वारा एक करारा हमला किया, जिसमें 62 आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। यह हमला, खासकर पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले का बदला था, जिसमें कानपुर के सीमेंट कारोबारी शुभम द्विवेदी सहित 25 पर्यटकों की जान गई थी। इस हमले में कई परिवारों का सुहाग उजड़ गया था और एक साल की शादी के बाद शुभम अपनी पत्नी आशान्या के साथ कश्मीर में हनीमून पर थे।

शुभम की पत्नी आशान्या ने इस सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का धन्यवाद अदा किया। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने मेरे पति की मौत का बदला लिया है, जिस तरह से भारत ने पाकिस्तान को जवाब दिया, उसने हमारे विश्वास को कायम रखा है। यह मेरे पति को सच्ची श्रद्धांजलि है।”

शुभम और आशान्या की शादी 12 फरवरी को हुई थी, और वे कश्मीर के पहलगाम में अपनी शादी के बाद की छुट्टियां मनाने गए थे। आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया और शुभम से उनका धर्म पूछते हुए उसे गोली मार दी। इस आतंकी हमले में शुभम समेत 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 पर्यटक थे। यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और आतंकवाद के मुद्दे को और बढ़ा चुकी थी।

“पीएम मोदी ने हमारे विश्वास को कायम रखा”

आशान्या ने कहा कि शुभम की हत्या के बाद वे पूरी तरह से टूट चुकी थीं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने उन्हें कुछ राहत दी है। उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी ने हमारे परिवार का विश्वास कायम रखा है, और इसके लिए हम उनके आभारी हैं। यह हम सब के लिए न्याय की तरह है।”

“आज शुभम की आत्मा को शांति मिली”

भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक के बाद शुभम के परिवार को कुछ मानसिक शांति मिली है। शुभम के पिता, संजय द्विवेदी ने कहा, “आज शुभम की आत्मा खुश होगी, और उसे सच्चे तौर पर शांति मिलेगी।” यह एक तरह से उनके बेटे की मौत के बाद की न्याय की प्रतीक्षा में एक कदम आगे बढ़ने जैसा था।

भारत द्वारा की गई यह सर्जिकल स्ट्राइक न केवल आतंकवादियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजती है, बल्कि यह उन परिवारों के लिए भी एक दिलासा है जो आतंकी हमलों में अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।

 यह घटना न केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है, बल्कि यह हमारे सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत और देश की मजबूती का प्रतीक भी है। भारत ने साबित कर दिया कि वह अपने नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।