Attack in Kashmir: Modi takes a big action, leaves his foreign tour and returns to India!
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का आधिकारिक दौरा बीच में ही छोड़कर भारत वापसी का निर्णय लिया। पीएम मोदी बुधवार सुबह दिल्ली पहुंचे और तुरंत सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (Cabinet Committee on Security) की मीटिंग बुलाई। यह कदम हमले की गंभीरता को देखते हुए उठाया गया।
Pahalgam Attack: सबसे बड़ा आतंकी हमला पुलवामा के बाद
मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध टूरिस्ट डेस्टिनेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अब तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मरने वालों में अधिकतर पर्यटक शामिल हैं। इस हमले को 2019 के Pulwama Attack के बाद का सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है।
Saudi Arabia Visit के दौरान भी उठाया गया Kashmir का मुद्दा
पीएम मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed Bin Salman के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान भी Kashmir Attack पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और Strategic Partnership को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। Bin Salman ने इसे “inhuman and unacceptable act” बताया।
High-Level Security Coordination: Modi in Action
Saudi visit के दौरान पीएम मोदी ने बैठक में लगभग दो घंटे की देरी की ताकि वे पहलगाम की स्थिति की रिपोर्ट ले सकें। NSA Ajit Doval और Foreign Minister S. Jaishankar सहित टॉप अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। जेद्दा में तय रात्रिभोज को भी पीएम ने skip कर दिया।
PM Modi का सख्त संदेश
PM Modi ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा, “हम पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इस घिनौने अपराध के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। India stands firm against terrorism और हम इसका करारा जवाब देंगे।”
अमेरिका ने जताया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस घटना पर शोक जताते हुए कहा, “This is a tragic moment. अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।” उनके इस बयान को India-US Strategic Ties की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
श्रीनगर में भी High Alert और मीटिंग
इधर, Home Minister Amit Shah ने श्रीनगर में एक high-level meeting की, जिसमें Kashmir Valley की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में CRPF, Army, IB और Jammu & Kashmir प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे।