Middle East Crisis: 5 killed in the West Bank, Iran rejects US ceasefire proposal; US airstrikes continue for the 13th night.
Middle East Crisis लगातार गंभीर होती जा रही है। एक ओर West Bank में Havat Gilad settlement के पास हुई भीषण गोलीबारी में 4 Palestinians और 1 Israeli की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर Iran-Israel Conflict में तनाव और बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Iran ने Iraq के जरिए भेजे गए US Ceasefire Proposal को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसी बीच अमेरिका ने लगातार 13वीं रात भी ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
West Bank में हिंसा से बढ़ा तनाव
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, Havat Gilad settlement के नजदीक दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में चार फिलिस्तीनियों और एक इजरायली नागरिक की मौत हुई। घटना में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और पूरे क्षेत्र में Search Operation जारी है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पूरे West Bank में पहले से ही सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं।
Iran ने ठुकराया अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने Iraq के माध्यम से ईरान को नया Ceasefire Proposal भेजा था, लेकिन तेहरान ने इसे स्वीकार नहीं किया। ईरान का कहना है कि जब तक उस पर सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक किसी भी युद्धविराम पर सहमति संभव नहीं है।
ईरानी अधिकारियों का यह भी कहना है कि किसी भी समझौते से पहले अमेरिका और उसके सहयोगियों को अपने सैन्य अभियान रोकने होंगे।
लगातार 13वीं रात US Airstrikes
US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने लगातार 13वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में कथित तौर पर Military Command Centers, Drone Storage Facilities, Communication Networks, Coastal Surveillance Sites और समुद्री क्षमताओं से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य Strait of Hormuz से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
Tel Aviv को लेकर Iran की नई चेतावनी
ईरान ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमले जारी रहे तो वह Tel Aviv सहित इजरायल के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है। इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष अपने रुख पर कायम रहे तो संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे पूरे Middle East की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
Gulf Region और Oil Market पर असर
लगातार बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक Oil Market पर भी दिखाई दे रहा है। Strait of Hormuz और Red Sea Shipping Route से जुड़े जोखिम बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां वैकल्पिक मार्गों पर विचार कर रही हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी विदेश विभाग भी अलर्ट
तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी विदेश विभाग मध्य पूर्व में फंसे अमेरिकी नागरिकों की मदद के लिए 24×7 Middle East Task Force को दोबारा सक्रिय करने पर विचार कर रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने क्षेत्र के लिए उड़ानें निलंबित या सीमित कर दी हैं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि Ceasefire Talks दोबारा शुरू नहीं हुईं और सैन्य कार्रवाई जारी रही, तो Israel-Iran Conflict पूरे क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और इजरायल के अगले कदम पर टिकी हुई है।