Amid the NEET paper leak controversy, PM Modi sends a strong message; strict laws to be discussed in the Cabinet.
NEET Paper Leak को लेकर देशभर में जारी Student Protest और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा में गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए और अधिक सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री के मुताबिक शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में Paper Leak Law, Fast-Track Court और कड़ी सजा से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
पेपर लीक को बताया गंभीर चुनौती
सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के विश्वास को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के मामलों को बेहद गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना थी पहली प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि कथित NEET Paper Leak सामने आने के बाद सरकार का पहला लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष खराब न हो। उन्होंने बताया कि लगभग 22 लाख छात्रों के लिए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को सक्रिय किया गया। इसके बाद परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए गए ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
Fast-Track Court और कड़े कानून की तैयारी
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि संबंधित विभागों को पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए Fast-Track Courts का प्रावधान तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उनके अनुसार अधिकारियों ने नया विधायी मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और तेज न्यायिक प्रक्रिया जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मसौदे पर केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार से विचार किया जाएगा। मंत्रियों के सुझाव शामिल करने के बाद इसे अंतिम रूप देकर संसद में पेश किया जाएगा।
आरोपियों पर कार्रवाई जारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां पहले से ही कार्रवाई कर रही हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था जरूरी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी
इस बीच Jantar Mantar Protest और देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठन तथा विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। विपक्ष ने संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
कैबिनेट बैठक पर टिकी नजर
अब सभी की निगाहें शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक पर हैं। माना जा रहा है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने, Exam Security, Paper Leak Prevention और दोषियों के खिलाफ सख्त दंड से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है। वहीं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।