Dhami government's stern message: Recommendation for dismissal of IAS officers involved in land scam.
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने दायित्वधारियों की एक और सूची जारी कर दी है। लगातार तीसरे दिन जारी हुई इस सूची में छह नेताओं को विभिन्न आयोगों, बोर्डों और सलाहकार समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राजनीतिक जानकार इसे सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय तथा चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।
शासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार देहरादून निवासी ओमवीर सिंह राघव को गन्ना विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं धीरेंद्र पंवार को मीडिया सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। भूपेंद्र कंडारी को गौ सेवा आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी को आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। उधम सिंह नगर के वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह नामधारी को पशु कल्याण बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चंपावत की किरन को सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लगातार तीसरे दिन जारी हुई नियुक्तियों की सूची
पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड सरकार चरणबद्ध तरीके से विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में नियुक्तियां कर रही है। इससे पहले जारी सूचियों में भी भाजपा संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को दायित्व दिए गए थे। माना जा रहा है कि सरकार उन नेताओं को भी सक्रिय भूमिका देना चाहती है जो लंबे समय से संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं।
मिशन 2027 की तैयारी के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने में जुट गई है। विभिन्न बोर्ड, आयोग और सलाहकार समितियों में नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य में विभिन्न संस्थाओं में नियुक्त दायित्वधारियों की संख्या अब 100 के आंकड़े को पार कर चुकी है। सरकार विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक संतुलन बनाने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
ताजा नियुक्तियों में देहरादून, उधम सिंह नगर और चंपावत जैसे जिलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। वहीं गन्ना विकास, मीडिया, गौ सेवा, पशु कल्याण और आपदा प्रबंधन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी संस्थाओं में नियुक्तियां कर सरकार ने व्यापक सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया है।
विशेष रूप से सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद में नियुक्ति को सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
किन नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी?
ओमवीर सिंह राघव (देहरादून) – उपाध्यक्ष, गन्ना विकास सलाहकार समिति
धीरेंद्र पंवार (देहरादून) – उपाध्यक्ष, मीडिया सलाहकार समिति
भूपेंद्र कंडारी (देहरादून) – उपाध्यक्ष, गौ सेवा आयोग
ले. कर्नल (सेनि.) रघुवीर सिंह भंडारी – उपाध्यक्ष, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति
रणजीत सिंह नामधारी (उधम सिंह नगर) – उपाध्यक्ष, पशु कल्याण बोर्ड
किरन (चंपावत) – उपाध्यक्ष, सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद
आगे भी आ सकती हैं नई सूचियां
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में सरकार और भी दायित्वधारियों की नियुक्तियां कर सकती है। इसे भाजपा की चुनावी तैयारी, संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।