Rahul Gandhi did not arrive in Uttarakhand, but politics heated up; BJP and Congress exchanged heated words.
उत्तराखंड में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा मौसम संबंधी कारणों से स्थगित होने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। दौरा रद्द होने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं।
बीजेपी ने उठाए सवाल, कहा- मौसम नहीं था वजह
भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने राहुल गांधी के कार्यक्रम रद्द होने पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस समय दौरा स्थगित किए जाने की घोषणा हुई, उस समय पौड़ी क्षेत्र में मौसम सामान्य था और आसमान साफ दिखाई दे रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व जनता और पूर्व सैनिकों के सवालों का सामना करने से बच रहा है और मौसम का हवाला देकर वास्तविक कारणों को छिपाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा बोली- 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने दावा किया कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा रद्द होना आगामी 2027 विधानसभा चुनावों का संकेत माना जा सकता है। उनके अनुसार, पूर्व सैनिकों और आम लोगों के संभावित विरोध को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने अल्मोड़ा और पौड़ी के कार्यक्रमों को स्थगित किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और इसी वजह से पार्टी को मैदान में उतरने से पहले ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का पलटवार, बोली- बीजेपी को हुआ ‘राहुल गांधी सिंड्रोम’
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि राहुल गांधी के उत्तराखंड आने की खबर भर से भाजपा असहज हो गई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, भाजपा के अंदरूनी मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं।
सुजाता पॉल ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को “Rahul Gandhi Syndrome” हो गया है। उनके मुताबिक राहुल गांधी आएं तो भी भाजपा परेशान रहती है और अगर कार्यक्रम स्थगित हो जाए तो भी भाजपा प्रतिक्रिया देने लगती है।
कांग्रेस ने रैलियों में उमड़ी भीड़ का किया जिक्र
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि अल्मोड़ा में बड़ी संख्या में लोग राहुल गांधी को सुनने के लिए पहुंचे थे। खराब मौसम के चलते वह शारीरिक रूप से नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने फोन और वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया।
कांग्रेस का कहना है कि जनता का उत्साह और समर्थन देखकर भाजपा घबराई हुई है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि पौड़ी में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद कार्यक्रम को भी अच्छा समर्थन मिला।
धस्माना बोले- अगली बार और बड़ा होगा कार्यक्रम
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि भले ही दौरा स्थगित हुआ हो, लेकिन वर्चुअल संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साह देखने लायक था।
धस्माना ने विश्वास जताया कि जब राहुल गांधी अगली बार उत्तराखंड आएंगे तो कार्यक्रम और भी बड़े स्तर पर आयोजित होगा तथा जनता की भागीदारी रिकॉर्ड स्तर पर देखने को मिलेगी।
उत्तराखंड की राजनीति में बढ़ी गर्माहट
राहुल गांधी के दौरे के स्थगित होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर भाजपा इसे कांग्रेस की कमजोरी के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनता के बढ़ते समर्थन का संकेत बता रही है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच राजनीतिक संघर्ष और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।