Is Geeta Gyan a game? Shocking stories emerge after IITian Baba's arrest
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में कथित आध्यात्मिक गुरु और चर्चित IITian Baba के खिलाफ दर्ज यौन शोषण मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। गीता ज्ञान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर युवतियों को अपने प्रभाव में लेने के आरोपी अभिषेक मिश्रा को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के संपर्क में आने के बाद कई शिक्षित युवक-युवतियों ने अपने परिवारों और करियर से दूरी बना ली थी। कुछ मामलों में परिवारों को अपने बच्चों को वापस घर लाने के लिए महीनों तक प्रयास करने पड़े।
ऑनलाइन प्रवचन से बना प्रभाव का नेटवर्क
जांच के अनुसार, ओडिशा निवासी अभिषेक मिश्रा ने राधाकुंड क्षेत्र में पहले किराये पर मकान लिया और बाद में अपना ठिकाना बनाकर ऑनलाइन माध्यम से गीता और आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन शुरू किए। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के कई युवक-युवती उसके संपर्क में आए।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में करीब दो दर्जन युवक-युवतियों के उसके प्रभाव में रहने की जानकारी मिली है। इनमें दिल्ली, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
यौन शोषण के आरोप के बाद गिरफ्तारी
25 मई को छत्तीसगढ़ की एक युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन के बहाने युवती का शोषण किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत जांच जारी है।
छह महीने पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार करीब छह महीने पहले भी एक युवती को उसके परिजन राधाकुंड से अपने साथ ले गए थे। इसके बाद आरोपी और उसके अनुयायियों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
जांच में बाद में स्पष्ट हुआ कि युवती अपने अभिभावकों के साथ गई थी। उस समय भी पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
11 लाख सालाना नौकरी छोड़ दी
मामले का सबसे चर्चित पहलू छत्तीसगढ़ की एक इंजीनियर युवती का है। पुलिस के मुताबिक युवती बीटेक करने के बाद मुंबई की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत थी और उसे लगभग 11 लाख रुपये सालाना पैकेज मिल रहा था।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी के प्रभाव में आने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी और राधाकुंड आकर रहने लगी। परिवार का कहना है कि बेटी की शिक्षा के लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया था, लेकिन अचानक लिए गए इस फैसले ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
मोबाइल से मिले आपत्तिजनक डेटा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। जांच एजेंसियां मोबाइल में मौजूद डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल में कई युवतियों से जुड़े फोटो और वीडियो मिले हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
देशभर से जुड़े थे युवक-युवती
पुलिस जांच में अब तक यह सामने आया है कि आरोपी के संपर्क में आने वाले अधिकांश युवक-युवती उच्च शिक्षित थे और ऑनलाइन आध्यात्मिक कंटेंट से प्रभावित होकर राधाकुंड पहुंचे थे।
अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों तथा शिकायतकर्ताओं के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।