Demand for action against Cockroach Janata Party gets a setback, High Court raises questions on jurisdiction
सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई Cockroach Janata Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को बड़ी कानूनी राहत मिली है। उनके खिलाफ जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) को लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ से वापस ले लिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला उसके क्षेत्राधिकार में नहीं आता।
क्षेत्राधिकार के आधार पर याचिका नहीं मानी गई पोषणीय
लखनऊ हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता स्वयं कर्नाटक के बेंगलुरु का निवासी है, जबकि याचिका में उत्तर प्रदेश से जुड़ा कोई ठोस तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसे में अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई के लिए सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय का रुख किया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की पीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।
क्या थे अभिजीत दिपके पर आरोप?
याचिका में अमेरिका में रह रहे पुणे निवासी अभिजीत दिपके पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। दावा किया गया था कि उन्होंने Cockroach Janata Party नामक एक गैर-पंजीकृत संगठन बनाया है, जिसे कथित तौर पर विदेशी फंडिंग मिल रही है और जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
याचिकाकर्ता ने मामले की जांच NIA (National Investigation Agency) और ED (Enforcement Directorate) से कराने की मांग की थी।
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी उठे सवाल
याचिका में यह आरोप भी लगाया गया था कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर संचालित कुछ अकाउंट्स के जरिए युवाओं को प्रभावित और भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही केंद्र सरकार को ऐसे सोशल मीडिया हैंडल्स की जांच करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ब्लॉक करने का निर्देश देने की मांग भी की गई थी।
कोर्ट ने क्यों उठाए सवाल?
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल लखनऊ के पते से शिकायतें भेजे जाने भर से लखनऊ खंडपीठ का क्षेत्राधिकार स्थापित नहीं हो जाता।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि याचिकाकर्ता राष्ट्रीय महत्व के किसी मुद्दे को उठाना चाहता है, तो उसे पहले उस राज्य के सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए जहां से उसका सीधा संबंध बनता हो।
नई याचिका दाखिल करने की मिली छूट
जब अदालत ने क्षेत्राधिकार को लेकर सवाल उठाए, तब याचिकाकर्ता ने स्वयं याचिका वापस लेने और उचित न्यायालय में नई याचिका दाखिल करने की अनुमति मांगी। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी CJP
पिछले महीने Cockroach Janata Party सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा का केंद्र बन गई थी। दावा किया गया कि पार्टी के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों तक पहुंच बनाई।
खुद को बेरोजगार युवाओं की आवाज बताने वाले इस मंच को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ी थी। कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी इसके कंटेंट और प्रभाव को लेकर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।