Kidney deals were conducted via Telegram! Organ trafficking racket busted in Kanpur
उत्तर प्रदेश के Kanpur में एक बड़े illegal kidney transplant racket का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में doctor couple, तीन अन्य डॉक्टरों और एक ambulance operator समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शहर के कुछ private hospitals के जरिए गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाकर illegal organ trade चलाया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि इसके तार Lucknow, Delhi, Mumbai, Kolkata और Nepal तक जुड़े हो सकते हैं।
40 से 50 तक Kidney Transplants होने की आशंका
Kanpur Police Commissioner Raghubir Lal के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए शहर के अलग-अलग private hospitals में करीब 40 से 50 kidney transplants कराए गए हो सकते हैं।
अगर यह आंकड़ा सही साबित होता है, तो यह मामला उत्तर भारत के सबसे बड़े organ trafficking network में से एक बन सकता है।
कैसे खुला पूरा मामला? MBA छात्र की शिकायत से हुआ भंडाफोड़
इस पूरे racket का खुलासा एक MBA student की शिकायत के बाद हुआ। छात्र ने पुलिस को बताया कि उसकी kidney 10 लाख रुपये में खरीदी गई, लेकिन उसे वादा किए गए पूरे पैसे नहीं दिए गए।
उसका आरोप है कि उसकी kidney को आगे एक मरीज को 60 लाख रुपये में बेच दिया गया। लेकिन उसे तय रकम से 50,000 रुपये कम मिले, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
यही पैसों का झगड़ा इस kidney transplant scam की परतें खोलने का कारण बना।
3 Private Hospitals पर Police Raid
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एक joint raid operation चलाया। इसमें:
Chief Medical Officer (CMO) office
DCP West surveillance and crime unit
Kalyanpur police station
Rawatpur police station
की संयुक्त टीम शामिल रही।
इस दौरान पुलिस ने Kanpur के तीन अस्पतालों पर छापा मारा:
Ahuja Hospital
Priya Hospital
Med Life Hospital
पुलिस का कहना है कि इन अस्पतालों में transplant से जुड़े कई संदिग्ध संकेत मिले।
Med Life Hospital में मिले Donor और Recipient
छापेमारी के दौरान पुलिस को Med Life Hospital में कथित donor और recipient दोनों भर्ती मिले। जब अधिकारियों ने transplant procedure से जुड़े documents, permissions और medical approvals मांगे, तो अस्पताल कथित तौर पर वैध कागजात पेश नहीं कर सका।
यहीं से पुलिस का शक और गहरा गया कि transplant process कानूनी नियमों के तहत नहीं, बल्कि illegal setup के तहत की जा रही थी।
किन लोगों को किया गया गिरफ्तार?
पुलिस ने इस मामले में जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:
Dr Surjit Singh Ahuja (54)
Dr Preeti Ahuja (50)
Dr Rajesh Kumar (44)
Dr Ram Prakash (40)
Dr Narendra Singh (35)
Ambulance operator Shivam Agrawal (32)
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को Kalyanpur-Rawatpur area के अस्पतालों से हिरासत में लिया गया।
गरीब और मजबूर लोगों को बनाया जा रहा था निशाना
Police Commissioner के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि यह racket कथित तौर पर poor and vulnerable people को निशाना बनाता था।
आरोप है कि:
आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को फंसाया जाता था
उन्हें पैसों का लालच दिया जाता था
उनकी kidney निकलवाकर बड़े पैमाने पर बेची जाती थी
recipients से भारी रकम वसूली जाती थी
यानी यह मामला सिर्फ illegal surgery का नहीं, बल्कि human exploitation और organised organ trade का भी है।
Telegram Group के जरिए होती थी Deal?
जांच में सामने आया है कि कथित donor Ayush को इस नेटवर्क से जोड़ने का काम Telegram group के जरिए हुआ।
पुलिस के मुताबिक, Ayush ने पूछताछ में बताया कि वह मूल रूप से Samastipur, Bihar का रहने वाला है और फिलहाल Meerut में रहता था। उसने आरोप लगाया कि Shivam Agrawal, जिसे Shivam Kada के नाम से भी जाना जाता है, ने उससे Telegram पर संपर्क किया और फिर उसे Kanpur बुलाया।
इसके बाद Awas Vikas-3, Kalyanpur स्थित एक apartment में पूरी deal final हुई।
यह angle इस मामले को और गंभीर बनाता है, क्योंकि अब social media / messaging platforms based organ network की आशंका भी सामने आ रही है।
10 लाख की Deal, लेकिन Donor को मिले सिर्फ 9.5 लाख
जांच के दौरान सामने आया कि donor Ayush को kidney के बदले 10 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। लेकिन आरोप है कि उसे सिर्फ 9.5 लाख रुपये ही दिए गए।
दूसरी ओर, पुलिस के मुताबिक recipient के परिवार से करीब 60 लाख रुपये लिए गए।
यानी इस पूरे network में profit margin बेहद बड़ा था और donor को comparatively बहुत कम रकम दी गई।
Muzaffarnagar की महिला का हुआ था Transplant
पुलिस जांच के मुताबिक, Muzaffarnagar की रहने वाली एक महिला Parul Tomar का kidney transplant कथित तौर पर Ahuja Hospital में रविवार को किया गया था।
Investigators का आरोप है कि:
Parul Tomar के परिवार से 60 लाख रुपये लिए गए
donor Ayush को सिर्फ 9.5 लाख रुपये मिले
transplant के बाद पूरे operation को छिपाने की कोशिश की गई
यह case अब पूरे racket की central chain के रूप में देखा जा रहा है।
Police को भनक लगते ही मरीजों को दूसरे अस्पतालों में Shift किया गया
पुलिस का आरोप है कि जैसे ही hospital management को यह जानकारी मिली कि पुलिस को पूरे मामले की भनक लग गई है, तुरंत donor और recipient को अलग-अलग अस्पतालों में shift कर दिया गया।
कथित तौर पर:
Ayush को Med Life Hospital भेजा गया
Parul Tomar को Priya Hospital shift किया गया
बाद में Ayush की हालत बिगड़ने पर उसे Hallet Hospital ले जाया गया।
यह घटनाक्रम पुलिस के शक को और मजबूत करता है कि अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले को cover-up करने की कोशिश कर रहा था।
Cash और Medicines भी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने:
बड़ी मात्रा में medicines
लगभग Rs 1.75 lakh cash
भी बरामद किया है।
इन बरामद चीजों की forensic और documentary जांच आगे की investigation में अहम भूमिका निभा सकती है।
कौन-कौन सी धाराओं में दर्ज हुआ केस?
इस मामले में Rawatpur police station में FIR दर्ज की गई है। आरोपियों पर निम्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
दर्ज धाराएं:
Sections 18, 19 and 20
Transplantation of Human Organs Act, 1994
Section 143/3(5)
Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS)
यह संकेत देता है कि मामला केवल procedural lapse नहीं, बल्कि serious criminal conspiracy के रूप में देखा जा रहा है।
4 और Doctors शक के घेरे में, छापेमारी जारी
पुलिस का कहना है कि इस racket में चार और डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल उनकी तलाश में लगातार raids और search operations चलाए जा रहे हैं।
अगर आगे और नाम सामने आते हैं, तो यह मामला और बड़ा हो सकता है, खासकर अगर इसमें दूसरे शहरों और राज्यों के hospitals या agents जुड़े पाए जाते हैं।
Hospitals को जारी हुए Notice, Licence पर भी खतरा
Additional Chief Medical Officer Dr Ramit Rastogi ने बताया कि जिन तीन hospitals के नाम सामने आए हैं, उन्हें notice जारी कर दिया गया है।
इन hospitals से 10 सवालों के जवाब मांगे गए हैं, जिनमें प्रमुख सवाल यह है कि transplant से जुड़े मरीज आखिर वहां कैसे भर्ती हुए और किस आधार पर उनका इलाज किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जवाबों की जांच के बाद इन hospitals के खिलाफ licence cancellation जैसी सख्त कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
क्या यह सिर्फ Kanpur तक सीमित मामला है?
पुलिस की शुरुआती जांच से ऐसा नहीं लगता। Commissioner के अनुसार, इस racket के links Lucknow, Delhi, Mumbai, Kolkata और Nepal तक फैले हो सकते हैं।
अगर यह angle सही साबित होता है, तो यह मामला सिर्फ एक शहर का medical crime नहीं, बल्कि interstate और possibly international organ trafficking network का रूप ले सकता है।
Kanpur Kidney Transplant Racket का यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है — क्या private hospitals में monitoring पर्याप्त है? क्या vulnerable लोगों को पैसों के लालच में illegal organ trade में धकेला जा रहा है? और क्या medical system के भीतर एक संगठित network काम कर रहा है?
फिलहाल पुलिस जांच जारी है, लेकिन शुरुआती खुलासे यह दिखाते हैं कि मामला बेहद गंभीर है और इसमें medical ethics, criminal conspiracy, human exploitation और organised illegal transplant network जैसे कई खतरनाक पहलू शामिल हैं।
आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।