LPG Crisis Bihar: Stock, backlog, black marketing and PNG—action on all at once
Bihar LPG Crisis को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। रसोई गैस की उपलब्धता, सिलेंडर सप्लाई, बैकलॉग, जमाखोरी और कालाबाजारी जैसे मुद्दों पर अब जिला स्तर पर सीधे निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसी कड़ी में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को अगले 48 घंटे के भीतर फील्ड विजिट कर स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि LPG hoarding, black marketing, और सप्लाई बाधाओं को अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा।
सचिव और आयुक्त करेंगे जमीनी जांच
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में जाकर ground inspection करें और यह देखें कि आम लोगों तक रसोई गैस की सप्लाई कितनी सुचारू है। इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई अहम बिंदुओं पर खास नजर रखने को कहा गया है।
जांच के दौरान इन मुद्दों पर रहेगा फोकस:
LPG cylinder stock availability
backlog reduction
प्रतिदिन होने वाली press briefing
control room functioning
और जिलों में लौट रहे migrant workers की स्थिति
सरकार का उद्देश्य सिर्फ फाइलों में समीक्षा करना नहीं, बल्कि जमीन पर यह सुनिश्चित करना है कि संकट का असर लोगों की रसोई तक कम से कम पहुंचे।
सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी के निर्देश
बिहार सरकार ने खास तौर पर border districts में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। आशंका यह है कि संकट के दौरान illegal diversion, unauthorized movement, या stock manipulation जैसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसी वजह से सीमावर्ती इलाकों में प्रशासनिक निगरानी और सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम खासतौर पर supply stabilization और anti-hoarding action के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
13 विभागों के साथ हुई Crisis Management Group की बैठक
यह पूरा निर्देश उस समय आया जब सोमवार को मुख्य सचिव ने Crisis Management Group की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में राज्य सरकार के कई प्रमुख विभाग शामिल हुए।
बैठक में शामिल प्रमुख विभाग:
गृह विभाग
कृषि विभाग
स्वास्थ्य विभाग
नगर विकास एवं आवास
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
सहकारिता विभाग
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण
ऊर्जा विभाग
परिवहन विभाग
आपदा प्रबंधन विभाग
इसके अलावा, जिलाधिकारियों (DMs), पुलिस अधीक्षकों (SPs), प्रमंडलीय आयुक्तों, और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी video conferencing के जरिए बैठक में भाग लिया।
अब हर सोमवार होगी समीक्षा बैठक
सरकार ने यह भी तय किया है कि LPG crisis management को लेकर अब हर सोमवार नियमित समीक्षा की जाएगी। इस पूरे तंत्र के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को nodal department बनाया गया है।
इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में gas supply monitoring, backlog control, और field reporting को साप्ताहिक प्रशासनिक एजेंडा का हिस्सा बनाया जाएगा।
PNG कनेक्शन की धीमी रफ्तार पर मुख्य सचिव नाराज
बैठक के दौरान सिर्फ LPG सप्लाई ही नहीं, बल्कि PNG expansion की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान यह सामने आया कि बिहार के 14 जिलों में PNG कार्य की प्रगति लगभग शून्य है, जिस पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों और एसपी को निर्देश दिया कि वे Food & Consumer Protection Department के साथ समन्वय बनाकर तुरंत action plan तैयार करें।
बिहार में PNG कनेक्शन का लक्ष्य कितना?
सरकार ने पूरे बिहार को 14 geographical zones में बांटकर PNG कनेक्शन विस्तार की योजना बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक:
3,68,783 घरों को PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है
इनमें से 2,30,939 घर कनेक्शन के लिए तैयार बताए गए हैं
जबकि 31,458 घर चार्जिंग के लिए तैयार हैं
यह आंकड़ा दिखाता है कि PNG infrastructure पर काम हुआ है, लेकिन इसकी गति कई जगहों पर अभी भी अपेक्षा से काफी कम है।
एजेंसियों को संसाधन बढ़ाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को साफ निर्देश दिया कि वे human resources, machinery, और contractor capacity का तत्काल आकलन करें और जहां कमी हो, वहां जल्द उपलब्धता सुनिश्चित करें।
यानी सरकार अब सिर्फ लक्ष्य घोषित करने के बजाय execution gap पर भी सख्ती दिखा रही है। PNG को लेकर यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भविष्य में LPG dependency reduction की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
व्यावसायिक मांग का सिर्फ 60% पूरा हो रहा
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि फिलहाल राज्य में commercial LPG demand का केवल 60 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा किया जा रहा है। इसका मतलब है कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र भी गैस सप्लाई के दबाव का सामना कर रहा है।
ऐसी स्थिति में सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि essential domestic supply प्रभावित न हो और public-use kitchens तथा आवश्यक सेवाओं को पर्याप्त गैस मिलती रहे।
प्रवासी मजदूरों के लिए हेल्पलाइन जारी करने का आदेश
LPG संकट के साथ-साथ सरकार ने migrant worker movement को भी गंभीरता से लिया है। मुख्य सचिव ने श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया है कि वह प्रवासी श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन जारी करे।
इस हेल्पलाइन का उद्देश्य यह होगा कि:
मध्य पूर्व या अन्य राज्यों से लौट रहे बिहारी श्रमिकों को
सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी
स्थानीय प्रशासन से संपर्क
और आवश्यक मदद
आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।
इसके साथ ही जिलाधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे अपने जिलों में पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों का accurate database तैयार करें।
हर दिन 3 बजे प्रेस वार्ता, अफवाह रोकने पर जोर
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन दोपहर 3 बजे प्रेस वार्ता आयोजित करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता तक authentic information समय पर पहुंचे और गैस संकट को लेकर किसी तरह की panic buying, rumour spread, या fear environment न बने।
यह कदम public communication strategy का हिस्सा माना जा रहा है, जो संकट के समय प्रशासनिक भरोसा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कंट्रोल रूम की निगरानी और शिकायत निवारण पर फोकस
सरकार ने यह भी कहा है कि जिलाधिकारी समय-समय पर control rooms का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि आम लोगों की शिकायतों का quick resolution हो।
फोकस खास तौर पर इन बातों पर रहेगा:
लंबित शिकायतों की संख्या घटे
हेल्पलाइन सही ढंग से काम करे
सप्लाई संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान हो
लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहे
14 जिलों में ज्यादा बैकलॉग पर सरकार की नाराजगी
बैठक में LPG supply backlog की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 14 जिलों में अधिक बैकलॉग पर गंभीर चिंता जताई गई।
जिन जिलों में ज्यादा बैकलॉग दर्ज हुआ:
पश्चिम चंपारण
भोजपुर
गया
दरभंगा
नालंदा
रोहतास
मुजफ्फरपुर
सारण
वैशाली
बेगूसराय
भागलपुर
पूर्वी चंपारण
जहानाबाद
जमुई
इन जिलों के DMs और SPs को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बैकलॉग को immediate priority पर कम करें।
पेट्रोल-डीजल उपलब्धता पर भी नजर
मुख्य सचिव ने सभी SPs को यह भी निर्देश दिया कि वे समय-समय पर petrol pumps का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि diesel and petrol availability भी प्रभावित न हो।
इससे साफ है कि बिहार सरकार केवल LPG संकट तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि broader fuel supply stability पर भी एक साथ नजर रख रही है।
सरकारी रसोई और छात्रावासों में सप्लाई बाधित न हो
सरकार ने विशेष रूप से यह निर्देश भी दिया है कि दीदी की रसोई और सभी सरकारी छात्रावासों में LPG सप्लाई किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।
यह संकेत देता है कि प्रशासन की प्राथमिकता उन स्थानों को पहले सुरक्षित रखना है जहां बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष रूप से गैस सप्लाई पर निर्भर हैं।
बिहार सरकार का ताजा रुख यह दिखाता है कि LPG Crisis Bihar को अब केवल सप्लाई की सामान्य दिक्कत नहीं, बल्कि administrative emergency की तरह लिया जा रहा है।
48 घंटे में फील्ड रिपोर्ट, जमाखोरी पर एक्शन, PNG प्रगति की समीक्षा, प्रेस ब्रीफिंग, कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग, और प्रवासी श्रमिक हेल्पलाइन जैसे कदम बताते हैं कि सरकार बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रही है।
अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि इन निर्देशों का असर जमीन पर कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से दिखाई देता है।