ISI-LeT Nexus: Plot to carry out attacks in Kashmir in the name of ISKP, security agencies on high alert.
Republic Day 2026 से पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) ने जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की एक नई और खतरनाक साजिश रची है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, ISI ने आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba (LeT) को निर्देश दिया है कि वह घाटी में हमलों को Islamic State Khorasan Province (ISKP) के नाम पर अंजाम दे।
इस रणनीति के तहत एक Hybrid Terror Module तैयार किया गया है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की सीधी भूमिका से इनकार करते हुए plausible deniability बनाए रखना है।
पाकिस्तानी सेना और ISI के शीर्ष अधिकारी कर रहे निगरानी
इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य और खुफिया अधिकारी कर रहे हैं। इनमें
Lieutenant General Ahmad Ehsan Nawaz, प्रमुख – पाकिस्तान सेना की X Corps
Brigadier Faik Ayub, ISI का PoK Sector Commander
शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन अधिकारियों ने Lashkar-e-Taiba और Jaish-e-Mohammed (JeM) को अपनी रणनीति बदलने और हमलों में पाकिस्तान की भूमिका के कोई प्रत्यक्ष सबूत न छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
कश्मीर के इन जिलों में एक्टिव हुआ फिदायीन दस्ता
खुफिया सूत्रों का दावा है कि 12 सदस्यीय Fidayeen Squad कश्मीर के तीन रणनीतिक जिलों में सक्रिय हो चुका है—
Budgam
Kishtwar
Srinagar
ये इलाके भौगोलिक और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।
इस दस्ते की कमान Abu Huraira, लश्कर का सीनियर कमांडर, संभाल रहा है जो 2021 से सक्रिय है।
Mohammad Umar alias ‘Kharagosh’ इसका डिप्टी कमांडर है और 2022 से सक्रिय है
Abu Dujana, जिसने हाल ही में घुसपैठ की है, आत्मघाती हमलों (Suicide Attacks) के लिए प्रशिक्षित बताया जा रहा है
IS नाम का इस्तेमाल क्यों कर रहा पाकिस्तान?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान जानबूझकर अपने समर्थित आतंकवाद को Islamic State (ISKP) के नाम से आगे बढ़ा रहा है। इसके पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं—
पहला: पहचान छुपाना (Identity Masking)
अगर हमला ISKP के नाम पर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे किसी वैश्विक जिहादी नेटवर्क की कार्रवाई मानेगा, न कि Pakistan Sponsored Terrorism।
दूसरा: जांच को उलझाना (Investigation Diversion)
Hybrid Module की वजह से जांच एजेंसियों के लिए साजिश की असली कड़ियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई तेज
इस Security Alert के बाद Central और South Kashmir में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
Indian Security Forces छोटे-छोटे सेल्स में बंटे आतंकियों को ट्रैक करने के लिए बड़े पैमाने पर Search Operations और Area Domination Drives चला रही हैं।
खुफिया एजेंसियां किसी भी संभावित हमले को नाकाम करने के लिए real-time intelligence sharing और हाई-लेवल मॉनिटरिंग कर रही हैं।