Defamation Notice पर बोले लेखक मृत्युंजय शर्मा – “मैं माफी नहीं मांगूंगा”, साधु यादव से टकराव तेज
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के माहौल में एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है, जिसमें आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साले साधु यादव और लेखक-पॉडकास्टर मृत्युंजय शर्मा आमने-सामने हैं। वजह है शर्मा की चर्चित किताब ‘Broken Promises’, जिसमें साधु यादव पर कुछ “डैमेजिंग क्लेम्स” किए गए हैं।
अब साधु यादव ने इस किताब और संबंधित पॉडकास्ट के लिए लेखक को ₹5 करोड़ का मानहानि नोटिस (Defamation Notice) भेज दिया है।
इन तीन आरोपों पर भेजा गया है नोटिस
मृत्युंजय शर्मा के मुताबिक नोटिस में तीन मुख्य घटनाओं का ज़िक्र है:
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शिल्पी शर्मा मर्डर केस
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रोहिणी आचार्य के शादी समारोह में लूट
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दिल्ली में बिहार भवन के बाहर हिंसक प्रदर्शन
इन घटनाओं का ज़िक्र पुस्तक और पॉडकास्ट में होने के कारण साधु यादव ने अपनी छवि को “बुरी तरह से नुकसान पहुंचाने वाला” बताया है।
लेखक का पलटवार: “सच के लिए शर्म कैसी?”
मृत्युंजय शर्मा ने ‘The Indian Express’ से बातचीत में स्पष्ट किया कि:
“किताब में कही गई बातें मेरी व्यक्तिगत राय नहीं हैं, बल्कि ये सत्यापित स्रोतों और दस्तावेज़ी प्रमाणों पर आधारित हैं।”
उन्होंने कहा, “अगर वो (साधु यादव) इन चीजों पर शर्मिंदा नहीं हैं, तो मुझे इन्हें लिखने में शर्म क्यों हो? मैं माफी नहीं मांगूंगा।” शर्मा ने यह भी बताया कि उन्हें दो दिन पहले यह नोटिस मिला है, जिसे उन्होंने अपने एक्स (Twitter) अकाउंट पर सार्वजनिक भी किया है।
मामला सुलझेगा या बढ़ेगा?
लेखक का कहना है कि वह इस मामले को पर्सनल तौर पर सुलझाने या बैकडोर माफी मांगने के पक्ष में नहीं हैं। अगर ज़रूरत पड़ी, तो वह कानूनी रूप से आत्मरक्षा में कदम उठाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह इस विवाद को पब्लिक डोमेन में रखेंगे, ताकि लोग समझ सकें कि “कौन कैसा इंसान है”।
कौन हैं मृत्युंजय शर्मा?
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मृत्युंजय शर्मा एक पॉडकास्टर, लेखक और राजनीतिक विश्लेषक हैं।
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वह विवादास्पद मगर शोध आधारित पॉडकास्ट्स के लिए सोशल मीडिया पर चर्चित हैं।
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‘Broken Promises’ उनकी चर्चित किताब है, जो बिहार की राजनीतिक दुनिया के अंधेरे कोनों को उजागर करने का दावा करती है।