When sister-in-laws and real brothers all won the elections! Interesting pictures of Uttarakhand Panchayat elections
उत्तराखंड पंचायत चुनाव (Uttarakhand Panchayat Election 2024) में कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं हैं जो दर्शाती हैं कि Family Politics अब सिर्फ विधानसभा या लोकसभा तक सीमित नहीं रही। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की कुछ सीटों पर एक ही परिवार के दो या दो से अधिक सदस्य विजयी होकर सामने आए हैं।
धनौला क्षेत्र में Devrani-Jethani Politics ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। यहां क्षेत्र पंचायत सदस्य बनीं साक्षी थापा और ग्राम प्रधान चुनी गईं सोनिया थापा आपस में देवरानी-जेठानी हैं। दोनों ने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा और जीत हासिल की। साक्षी को 23 और सोनिया को 30 वोटों से जीत मिली। चुनाव नतीजे आने के बाद दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी।
इसी तरह बड़ासी ग्रांट में Two Brothers Win Panchayat Election का दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला। अरविंद कुमार क्षेत्र पंचायत सदस्य बने तो उनके भाई राहुल ग्राम पंचायत प्रधान चुने गए। दोनों भाई पेशे से कारोबारी हैं और पहली बार चुनाव लड़े। अरविंद बताते हैं कि उन्होंने ग्रामीणों के आग्रह पर चुनाव लड़ा और समर्थन भी भरपूर मिला।
Women Leadership in Rural Politics भी इन चुनावों की बड़ी खासियत रही। अखंडवाली भिलंग ग्राम सभा से यशोदा देवी दूसरी बार प्रधान बनी हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार के अधूरे कार्यों को वे अब आगे बढ़ाएंगी।
तानिया पंवार सिंधवाल गांव से ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। उन्हें 295 वोट मिले। इससे पहले उनके पति प्रधान रह चुके हैं। इस बार सीट महिला के लिए आरक्षित हुई तो उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया। तानिया ने बताया कि वे अपने पति के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगी और गांव के विकास में कोई कमी नहीं आने देंगी।