"We don't have the right to worship?" Dalits are enraged over the Gangotri shrine dispute.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में Gangotri Dham से जुड़ी एक धार्मिक परंपरा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि गंगा दशहरा के अवसर पर निकाली जा रही Dev Doli Yatra में दलित समाज की डोली को शामिल करने से रोक दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली और मामला अदालत तक पहुंचने की नौबत आ गई।
क्या है पूरा मामला?
उत्तरकाशी के भराण गांव में हर साल गंगा दशहरा पर गांव के आराध्य Someshwar Devta की डोली गंगोत्री धाम ले जाई जाती है। यह धार्मिक यात्रा लंबे समय से गांव की परंपरा का हिस्सा रही है, जिसमें सभी समुदायों की भागीदारी होती रही है।
इस बार यात्रा के आयोजन के लिए हर परिवार से आर्थिक सहयोग लिया जा रहा था। जब दलित समाज के लोग सहयोग देने पहुंचे, तो कथित तौर पर कुछ लोगों ने उनकी डोली को मुख्य यात्रा में शामिल करने पर आपत्ति जता दी।
विरोध करने वालों ने कहा कि वे अलग से अपनी डोली लेकर जाएं।
ग्रामीणों में आक्रोश, कोर्ट जाने की तैयारी
घटना से नाराज दलित समाज के लोग उत्तरकाशी न्यायालय परिसर पहुंच गए और वकीलों से कानूनी मदद मांगी।
ग्रामीणों का कहना था
उन्हें धार्मिक आयोजनों में बराबरी का अधिकार नहीं दिया जा रहा
यह संविधान और सामाजिक समानता के खिलाफ है
अगर भेदभाव जारी रहा तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे
कुछ ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन (religious conversion) की चेतावनी भी दी।
“देवभूमि में भेदभाव क्यों?”
ग्रामीणों का कहना है कि:
उत्तराखंड अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है
लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज में विभाजन पैदा करती हैं
आधुनिक दौर में जातिगत भेदभाव बेहद चिंताजनक है
स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्हें अपने ही आराध्य देव की पूजा में समान अधिकार मिलना चाहिए।
पंचायत के बाद क्या फैसला हुआ?
विवाद बढ़ने के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई।
बताया गया कि:
भविष्य के सार्वजनिक कार्यक्रमों में सभी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी
सभी ग्रामीणों को बराबरी का अधिकार दिया जाएगा
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कहा कि सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में किसी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
उत्तरकाशी और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी caste discrimination से जुड़े मामले चर्चा में रहे हैं।
2023 मंदिर प्रवेश विवाद
मोरी ब्लॉक के एक गांव में दलित युवक के साथ मंदिर प्रवेश को लेकर कथित मारपीट और उत्पीड़न का मामला सामने आया था।
2019 शादी समारोह विवाद
टिहरी जिले में शादी के दौरान कुर्सी पर बैठकर खाना खाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें एक युवक की बाद में मौत हो गई थी।
सामाजिक और कानूनी बहस तेज
इस घटना के बाद सोशल Media और स्थानीय स्तर पर:
सामाजिक समानता
धार्मिक अधिकार
caste discrimination
constitutional rights
जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई है।
Gangotri Dham Dev Doli विवाद ने एक बार फिर समाज में समान अधिकार और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पंचायत स्तर पर समाधान की कोशिश जरूर हुई है, लेकिन इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में बराबरी और सम्मान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।