Bank Loan से लेकर Self Employment तक, CM धामी ने बैंकों को दिए कई अहम निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में Credit-Deposit (CD) Ratio सुधारने और पात्र लोगों को आसानी से Bank Loan उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को विशेष निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित 97वीं State Level Bankers’ Committee (SLBC) की बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकिंग सेवाओं, Financial Inclusion, ऋण वितरण और विभिन्न Self Employment Schemes की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से तेज़ी से काम करने को कहा।

कम Credit-Deposit Ratio वाले जिलों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे जिलों में कम Credit-Deposit Ratio पर चिंता जताई। उन्होंने जिला प्रशासन, लीड बैंकों और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और इन जिलों में नियमित Special Loan Camps आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं और ऋण पहुंच सके।

किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को मिले आसान Loan

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैंकों से किसानों, युवाओं, महिलाओं और नए उद्यमियों के लिए Easy Loan Access सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पात्र आवेदनों को केवल तकनीकी कारणों से खारिज न किया जाए। यदि किसी आवेदन में कमी हो तो आवेदक को आवश्यक मार्गदर्शन देकर उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

MSME और Annual Credit Plan में बेहतर प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड ने Annual Credit Plan का लगभग 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। वहीं MSME Sector Lending में राज्य ने निर्धारित लक्ष्य का 111 प्रतिशत प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि अब कृषि, उद्योग और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में Credit Flow को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

इन योजनाओं में Loan वितरण को मिलेगी प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकों को Mukhyamantri Swarozgar Yojana 2.0, Veer Chandra Singh Garhwali Swarozgar Yojana, Homestay Scheme, PM Vishwakarma Yojana, PM Mudra Yojana और Kisan Credit Card (KCC) जैसी योजनाओं के तहत ऋण वितरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बैंकिंग सहायता बढ़ाकर राज्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी Digital Banking की पहुंच

मुख्यमंत्री धामी ने ग्रामीण इलाकों में Digital Banking और Digital Payment Services के विस्तार पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अधिक से अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना Financial Inclusion को मजबूत करेगा और इससे रोजगार, उद्यमिता तथा राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

Cyber Fraud रोकने के लिए भी दिए सुझाव

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैंकों को Cyber Crime Helpline 1930 से जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा SLBC Sub-Committee की नियमित बैठकें आयोजित कर बैंकिंग से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और Developed Uttarakhand के लक्ष्य को हासिल करने में तेजी आएगी।