Uttarakhand makes history! Becomes the country's sixth fully literate state; CM Dhami calls it a major achievement.
उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए India’s Sixth Fully Literate State बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि National Education Policy (NEP) 2020 के तहत संचालित ULLAS (Understanding Lifelong Learning for All in Society) यानी Nav Bharat Saaksharta Karyakram (New India Literacy Programme) के अंतर्गत मिली है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने व्यापक साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया है।
CM पुष्कर सिंह धामी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सफलता को राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का देश का छठा Fully Literate State बनना केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षकों, स्वयंसेवकों, अधिकारियों और प्रदेशवासियों की सामूहिक भागीदारी का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि Knowledge, Social Empowerment, Public Participation और शिक्षा के प्रति लोगों की जागरूकता को दर्शाती है। उन्होंने इसे Viksit Bharat के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी बताया।
ULLAS Programme से मिली सफलता
राज्य ने यह उपलब्धि केंद्र सरकार की ULLAS – Nav Bharat Saaksharta Karyakram योजना के तहत हासिल की है। यह कार्यक्रम वर्ष 2022 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोगों को साक्षर बनाना है जो पढ़ना-लिखना नहीं जानते।
इस योजना के तहत केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि Basic Reading Skills, Writing Skills और Numeracy Skills विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि हर नागरिक सामाजिक और आर्थिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
98 प्रतिशत से अधिक Literacy Rate
उत्तराखंड ने 98 प्रतिशत से अधिक Literacy Rate हासिल कर पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त किया है। इस कार्यक्रम के मानकों के अनुसार, किसी राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने के लिए वयस्क साक्षरता दर कम से कम 95 प्रतिशत होना आवश्यक है।
इन राज्यों की सूची में शामिल हुआ उत्तराखंड
उत्तराखंड से पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम पूर्ण साक्षर राज्य बन चुके हैं। वहीं लद्दाख देश का पहला पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) है। अब उत्तराखंड भी इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बन गया है।
राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से उत्तराखंड की Education System को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही Adult Education, Skill Development और Inclusive Education जैसे क्षेत्रों को भी मजबूती मिलेगी। इससे राज्य में सामाजिक विकास, रोजगार के अवसर और नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड के बारे में प्रमुख तथ्य
उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुआ था। राज्य की शीतकालीन राजधानी देहरादून और ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण है। यहां कुल 13 जिले हैं और राज्य की सीमाएं चीन (तिब्बत), नेपाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से लगती हैं। नंदा देवी राज्य की सबसे ऊंची चोटी है, जबकि गंगा, यमुना, अलकनंदा और भागीरथी यहां की प्रमुख नदियां हैं।
उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना शिक्षा, सामाजिक विकास और समावेशी शासन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य में शिक्षा के विस्तार और Human Development को नई गति मिलने की उम्मीद है।