Uttarakhand में Waqf Survey शुरू, Illegal Occupation पर सरकार का बड़ा फैसला

Uttarakhand में Waqf Properties को लेकर Pushkar Singh Dhami सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड केंद्र सरकार के UMEED Portal पर दर्ज नहीं होगा, उन्हें आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी जाएगी।
सरकार के इस फैसले के बाद राज्यभर में Waqf Land Verification और Encroachment जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर Dehradun में एक पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है।
Dehradun के Adhoiwala इलाके में Waqf Land पर कब्जे का मामला
रायपुर थाना क्षेत्र के चूना भट्टा स्थित अधोइवाला इलाके में Waqf Property (कब्रिस्तान संख्या-8) पर कथित अवैध कब्जों को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है।
स्थानीय निवासी इस्लामुद्दीन अंसारी द्वारा की गई शिकायत के बाद Uttarakhand Waqf Board ने मामले का संज्ञान लिया। शिकायत में दावा किया गया कि Waqf Land पर करीब 200 मकान और दुकानें बनाई गई हैं।  अब बोर्ड ने 70 से अधिक कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जमीन से संबंधित Ownership Documents और वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है।

जमीन की पैमाइश के आदेश

वक्फ बोर्ड के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने भूमि की पैमाइश कराने के निर्देश भी जारी किए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि कौन सी जमीन वास्तव में Waqf Property है और किन हिस्सों पर अवैध कब्जा हुआ है।

Shadab Shams का बड़ा बयान

Shadab Shams ने कहा कि जिन Waqf Properties पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उन्हें कब्जामुक्त कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी जमीनों का इस्तेमाल गरीब मुसलमानों के लिए Housing और Welfare योजनाओं में किया जा सकता है।
उनके मुताबिक राज्य में कुल 7,288 Waqf Properties सूचीबद्ध हैं, जबकि बड़ी संख्या में संपत्तियों का रिकॉर्ड अभी तक Digital Portal पर अपडेट नहीं हुआ है।
UMEED Portal पर नहीं है हजारों संपत्तियों का रिकॉर्ड
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

कुल सूचीबद्ध Waqf Properties: 7,288

औकाफ संपत्तियां: 2,105

मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान, ईदगाह और मजार वाली संपत्तियां: 5,388

UMEED Portal पर दर्ज संपत्तियां: 1,597

Portal पर रिकॉर्ड नहीं: 5,691 सरकार का कहना है कि जिन संपत्तियों का Digital Record उपलब्ध नहीं होगा, उन्हें जांच के दायरे में लाया जाएगा।

दस्तावेजों की कमी बना बड़ा कारण

कई मामलों में कब्जाधारियों और मुतवल्लियों द्वारा पुराने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। कुछ लोग जानकारी के अभाव का हवाला दे रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि संबंधित लोगों को Training और Guidance पहले ही दी जा चुकी है।
प्रशासन ने मुतवल्लियों को 5 जून तक का समय दिया है। इसके बाद Portal पर दर्ज न होने वाली संपत्तियों की अलग से जांच की जाएगी।

CM Dhami ने क्या कहा?

Pushkar Singh Dhami ने कहा कि सरकार Waqf Properties की पूरी जांच कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में सरकारी जमीनों को भी Waqf Property के रूप में दर्ज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार सभी Waqf Properties की Verification होगी

अवैध कब्जों की जांच की जाएगी

सरकारी भूमि पर हुए Encroachment हटाए जाएंगे

Illegal Occupation पाए जाने पर कार्रवाई होगी

राज्यभर में बढ़ सकती है कार्रवाई

Political Experts का मानना है कि आने वाले दिनों में Uttarakhand में Waqf Survey, Land Verification और Encroachment Removal अभियान और तेज हो सकता है।