Somnath Swabhiman Festival was dedicated to Indian culture and national consciousness
All World Gayatri Pariwar के प्रमुख केंद्र Shantikunj में सोमवार को “Somnath Swabhiman Parv” श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष आयोजन में भारतीय संस्कृति, राष्ट्र चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को केंद्र में रखते हुए कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में Shantikunj कार्यकर्ताओं, Dev Sanskriti Vishwavidyalaya परिवार, साधना सत्रों के प्रतिभागियों और प्रशिक्षण शिविरों में शामिल लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान शोभायात्रा, Rudrabhishek, सामूहिक आरती, दीपोत्सव और ध्यान सत्र आयोजित किए गए।
Somnath Temple भारतीय आत्मगौरव का प्रतीक: Shaildidi
Shantikunj की अधिष्ठात्री Shaildidi ने अपने संदेश में कहा कि Somnath Temple केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद Somnath Mandir का पुनर्निर्माण भारतीय समाज की अटूट आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर Nation Building में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भारतीय संस्कृति को मिटाया नहीं जा सकता: Dr. Chinmay Pandya
Chinmay Pandya ने कहा कि Somnath Temple का इतिहास यह साबित करता है कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल इतिहास को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि National Awareness और Cultural Revival का अभियान है। उन्होंने युवाओं को Indian Values, Spirituality और Cultural Heritage को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश
Shantikunj व्यवस्थापक Yogendra Giri ने कहा कि Somnath Temple भारत की आस्था, संघर्ष और पुनरुत्थान का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में Cultural Awareness और National Unity की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी गणेश चन्द्र पाण्डेय और सुरेन्द्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
Shantikunj में पत्रकार सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित
Somnath Swabhiman Parv के साथ Shantikunj में एक विशेष Journalist Felicitation Program भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जन्मशताब्दी समारोह के सफल आयोजन और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार में मीडिया की भूमिका के सम्मान में रखा गया था। इस दौरान Shantikunj परिवार और पत्रकारों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें Positive Journalism और समाज जागरण में मीडिया की भूमिका पर चर्चा हुई।
Media की भूमिका पर क्या बोले वक्ता?
Chinmay Pandya ने कहा कि मीडिया समाज में सकारात्मक विचारों, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
वहीं श्रद्धेया जीजी ने कहा कि Value-Based Journalism समाज में जागरूकता और सद्भाव का वातावरण तैयार करती है। कार्यक्रम में भविष्य में भी समाजहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया गया।
कई वरिष्ठ पत्रकार रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष Dharmendra Chaudhary, कौशल सिखौला, डॉ. रजनीकांत शुक्ल और डॉ. एसएस जायसवाल सहित हरिद्वार के कई वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।