Uttarakhand Paper Leak Case: क्या बॉबी पंवार भी जांच के दायरे में? सीबीआई ने बुलाया और 9 घंटे सवाल-जवाब

UKSSSC Paper Leak Case में जांच का दायरा अब और बड़ा होता नजर आ रहा है। बेरोजगार संघ के नेता Bobby Panwar अब CBI Investigation के रडार पर हैं। सोमवार को सीबीआई ने बॉबी पंवार को पूछताछ के लिए बुलाया, जहां उनसे करीब नौ घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ का मुख्य फोकस पंवार और सहायक प्रोफेसर Suman Chauhan के बीच संपर्क, दस्तावेजों की अदला-बदली और leaked paper की timeline रही।
सीबीआई इससे पहले 28 नवंबर को सुमन चौहान को गिरफ्तार कर चुकी है।

Suman ने दिया था Paper, फिर हुई थी Press Conference

जांच में सामने आया है कि लीक हुआ पेपर सबसे पहले सुमन चौहान तक पहुंचा था और उसने ही इसे बॉबी पंवार को भेजा। इसके बाद बॉबी पंवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पेपर लीक का दावा किया और paper leak वीडियो और documents सार्वजनिक किए थे।

इसी आधार पर, सीबीआई ने पंवार से यह समझने की कोशिश की कि:

उन्हें पेपर किस परिस्थिति में मिला

Timing क्या थी

क्या leak की जानकारी पहले से थी

और पेपर मिलने के बाद उन्होंने किससे संपर्क किया

पूछताछ के बाद बाहर निकलकर पंवार ने बताया कि उन्होंने written statement में सवालों का जवाब दिया है और सीबीआई को आवश्यक evidence provide करने की बात भी कही है।

कैसे शुरू हुआ था पूरा UKSSSC Paper Leak मामला

21 सितंबर को आयोजित हुई UKSSSC Graduate Level Examination का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि हरिद्वार के Bahadarpur Jat Exam Centre में परीक्षार्थी Khalid पहले से छुपाए मोबाइल से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर अपनी बहन Sabia को भेज रहा था।

इसके बाद घटनाक्रम इस प्रकार आगे बढ़ा:

Sabia ने वह पेपर टिहरी की सहायक प्रोफेसर Suman Chauhan को भेजा

सुमन ने कुछ सवाल हल किए

फिर पेपर Bobby Panwar को भेजा

मामला वायरल हुआ और पुलिस कार्रवाई शुरू हुई

शुरुआत में पुलिस ने माना था कि सुमन की मंशा पेपर leak करने की नहीं थी, वह सिर्फ मदद कर रही थी। लेकिन CBI probe शुरू होने के बाद सबसे पहली गिरफ्तारी सुमन की ही हुई।

आगे क्या?

CBI अब इस मामले में digital evidence, call records और message history की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ का दायरा आगे और बढ़ सकता है।

Investigation अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव मानी जा रही हैं।