Uttarakhand News: Is the public paying the price of VVIP security with traffic jams and trouble?
Uttarakhand News: राष्ट्रपति Droupadi Murmu के दौरे के चलते राज्य में दो दिनों तक VVIP security protocol लागू रहा, जिससे आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कई स्थानों पर traffic diversion किया, जिसके कारण यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
मंगलवार को राष्ट्रपति की फ्लीट गुजरने के दौरान दोपहर 2:30 बजे से 4 बजे तक हल्द्वानी, काठगोदाम, गुलाबघाटी और रानीबाग में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने फ्लीट के निकलने से पहले ही हाईवे और आंतरिक सड़कों पर वाहनों को रोक दिया, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हुई।
Traffic Diversion और यात्रियों की परेशानी
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले भारी वाहनों को Ramnagar route से डायवर्ट किया, जबकि सुबह के समय कैंची धाम जाने वाले वाहनों को Ramgarh via Quarb route से भेजा गया। इससे यात्रियों को extra travel time झेलना पड़ा।
अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और धारचूला से आने वाले लोगों को भी वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि Roadways और K.M.U buses के न मिलने से उन्हें और अधिक परेशानी हुई।
स्थानीय निवासी प्रमोद सिंह और राजेंद्र कुमार ने कहा कि हर बार VVIP कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन से आम जनता को मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। मंगलवार को भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही — न तो समय पर वाहन मिले, न ही कोई वैकल्पिक सार्वजनिक व्यवस्था।
Police ने मानी खामियां
इस मामले पर ASP Nainital मनोज कुमार कत्याल ने कहा कि, “यातायात संचालन में जो खामियां सामने आई हैं, उन्हें भविष्य में बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए Traffic Inspectors (TI) और traffic police staff से फीडबैक लिया जाएगा ताकि आगे ऐसी परेशानी न हो।”
क्या जनता हमेशा कीमत चुकाएगी?
प्रशासन का कहना है कि VVIP movement के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या हर बार आम जनता को इसकी cost in terms of inconvenience उठानी चाहिए? दो दिनों तक जारी रूट डायवर्जन ने न केवल स्थानीय यात्रियों को, बल्कि पर्यटन से जुड़े लोगों को भी प्रभावित किया।