Uttarakhand Monsoon Session 2025: गैरसैंण में टूटा सन्नाटा, विकास की नई उम्मीदें
एक साल के लंबे इंतजार के बाद Uttarakhand की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सन्नाटा आखिरकार टूटा। मंगलवार से शुरू हो रहे Monsoon Session 2025 के लिए सरकार और विपक्ष दोनों भराड़ीसैंण में मौजूद हैं। इससे प्रदेशवासियों में एक बार फिर विकास और प्रशासनिक सुधार की नई उम्मीदें जागी हैं।
पिछले साल 21 अगस्त को गैरसैंण में मानसून सत्र आयोजित हुआ था, लेकिन इसके बाद एक साल तक राजधानी और आसपास का इलाका सुन्न पड़ा रहा। इस दौरान देहरादून में बजट सत्र हुआ, जबकि गैरसैंण और भराड़ीसैंण में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ काफी सीमित रही।
इस बार मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ मोर्चे पर डटे हैं, वहीं विपक्ष भी रणनीतिक रूप से गैरसैंण में सक्रिय हो चुका है। पिछले साल के दौरान हुए political developments और पहाड़ी इलाकों की समस्याओं के चलते जनता की चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं।
मानसून सत्र से पहाड़वासियों की उम्मीदें जुड़ी हैं कि टूटी सड़कों, अव्यवस्थित बुनियादी ढांचे और अन्य चुनौतियों का समाधान सरकार इस सत्र में पेश करेगी। पहाड़ के विकास को गति देने की दिशा में इस विधानसभा सत्र को एक नया मोड़ माना जा रहा है।
भारी बारिश और भूस्खलन के बावजूद सरकार और अधिकारियों ने गैरसैंण तक अपने कर्तव्य का पालन किया। दिनभर की कठिन यात्रा के बावजूद government officials और मंत्री मलबे और प्राकृतिक खतरों से लड़ते हुए विधानसभा भवन तक पहुँचे। यह साबित करता है कि अगर सरकार का passion for development और पहाड़ चढ़ने का जूनून हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं।
इस सत्र से उम्मीद है कि गैरसैंण और पूरे पहाड़ी क्षेत्र में नई infrastructure projects, सड़क सुधार और अन्य विकास योजनाओं की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे पहाड़वासियों की जीवनशैली और सुरक्षा में सुधार आए।