Uttarakhand disaster: Yatra to Ganga and Yamunotri Dham completely closed
उत्तराखंड में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते इस साल Chardham Yatra 2025 पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पूरी तरह बंद हो गई है, जबकि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम ही यात्रा का केंद्र बने हैं।
आमतौर पर मानसून के दौरान चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या कम रहती है, लेकिन सितंबर में फिर से श्रद्धालुओं की रफ्तार बढ़ जाती है। इस बार उत्तरकाशी जिले में आई आपदा की वजह से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पर सन्नाटा छा गया है।
तीर्थयात्रियों की संख्या और प्रभावित धाम
30 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक कुल 42.54 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।
गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा अभी बंद है।
केदारनाथ में प्रतिदिन 3-5 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।
बदरीनाथ में भी रोजाना 3-5 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
भूस्खलन (Landslide) बना सबसे बड़ी चुनौती
केदारनाथ धाम के लिए Sonprayag और Gaurikund मार्ग पर भूस्खलन सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। बदरीनाथ धाम मार्ग पर भी Kamedha और Lambagarh में Bhukhand के कारण यात्रा बाधित हो रही है। Heavy Rain की संभावना अभी बनी हुई है, इसलिए यात्रा के दौरान सतर्क रहना जरूरी है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का बयान
पर्यटन मंत्री ने कहा कि आपदा के कारण चारधाम यात्रा की रफ्तार थमी हुई है। मौसम में सुधार होने के बाद यात्रा की गति फिर से बढ़ जाएगी। तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले Weather Updates जरूर चेक करें और सुरक्षित मार्गों का चुनाव करें।
चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का विवरण
धाम दर्शन कर चुके तीर्थयात्री
केदारनाथ 14.80 लाख
बदरीनाथ 12.78 लाख
गंगोत्री 6.69 लाख
यमुनोत्री 5.86 लाख
हेमकुंड साहिब 2.49 लाख
इस बार Chardham Yatra 2025 में प्राकृतिक आपदा और Bhukhand ने तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी चुनौती पेश की है। केवल Kedarnath और Badrinath ही यात्रा का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। श्रद्धालुओं को मौसम और मार्ग की जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए।