A big question on the Uttar Pradesh elections, the census schedule could change the entire election calendar.
Uttarakhand में Census 2027 के पहले चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। house listing और housing census के लिए पूरे राज्य में कुल 29,567 House Listing Blocks (HLBs) बनाए गए हैं, जिन्हें HLBC portal पर digital mapping के जरिए चिन्हित किया गया है।
इनमें से 24,566 ब्लॉक्स ग्रामीण जिलों में और 5,001 ब्लॉक्स शहरी नगर निगम क्षेत्रों में शामिल हैं।
Enumerators और Supervisors की तैनाती
जनगणना कार्य के लिए:
20,859 Enumerators
3,670 Supervisors
तैनात किए गए हैं। इसके लिए कुल 27,006 कर्मियों को 555 training batches के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि door to door survey सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
प्रमुख नगर निगमों में House Listing Blocks
राज्य के विभिन्न शहरों में house listing blocks की स्थिति इस प्रकार है:
25 अप्रैल 2026 से प्रगणक (enumerators) घर-घर जाकर census survey करेंगे। हर प्रगणक को करीब 150–200 घरों की जिम्मेदारी दी गई है और यह कार्य 24 मई तक पूरा किया जाएगा।
इस दौरान प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए तय 33 सवालों के जवाब दर्ज करेंगे।
Self Enumeration का डेटा कैसे होगा उपयोग?
पहले चरण में self enumeration (स्व-गणना) का विकल्प दिया गया था, जिसमें 62,626 परिवारों ने भाग लिया।
अब इन परिवारों को केवल अपनी SE ID (Self Enumeration ID) प्रगणक को देनी होगी। इससे उनकी पहले से भरी जानकारी सीधे ऐप में डाउनलोड हो जाएगी और verification के बाद submit कर दी जाएगी।
जरूरी दिशा-निर्देश (Important Guidelines)
जनगणना के लिए किसी भी document की आवश्यकता नहीं
परिवार के मुखिया द्वारा दी गई जानकारी ही मान्य होगी
किसी भी स्थिति में OTP नहीं मांगा जाएगा
प्रगणक के पास आधिकारिक ID card होगा
सहायता के लिए toll-free number 1855 पर संपर्क किया जा सकता है
प्रशासन की अपील
जनगणना निदेशालय की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि यह डेटा राज्य के development planning और policy making के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, Uttarakhand Census 2027 first phase एक बड़े स्तर का digital census exercise है, जिसमें HLBC mapping, self enumeration और door-to-door survey का संयोजन देखने को मिल रहा है। यह प्रक्रिया भविष्य में राज्य के विकास और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगी।