उत्तराखंड बजट सत्र: वित्त मंत्री ने सदन में पेश किया ‘बड़ा’ बजट, 59,954.65 करोड़ का राजस्व मद का प्रावधान

उत्तराखंड विधानसभा में 20 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का चौथा बजट पेश किया। इस बजट का आकार लगभग एक लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो राज्य की आर्थिक सशक्तीकरण और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बजट में मुख्य बिंदु:

  • राजस्व मद का प्रावधान: बजट में राजस्व मद के लिए 59,954.65 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • पूंजीगत मद का प्रावधान: पूंजीगत मद में 41,220.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि राज्य में अवसंरचना के विकास और अन्य पूंजीगत परियोजनाओं के लिए उपयोग की जाएगी।
  • सरप्लस बजट: इस बार कोई राजस्व घाटा नहीं है, बल्कि 2,585.89 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट है, जो राज्य की वित्तीय स्थिति को और अधिक सशक्त बनाता है।
  • बड़े कदम: जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़कों की विकास योजना और नए शहरों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विकास एजेंडा:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संकल्प उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को अगले पांच वर्षों में दोगुना करना है। इसके लिए राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को 2.70 लाख करोड़ से बढ़ाकर साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें प्रमुख योजनाएं:

  1. आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा: सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लेकर आएगी, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
  2. नए शहरों का विकास: राज्य में दो नए शहरों के विकास के लिए कदम उठाए जाएंगे, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देंगे और शहरीकरण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
  3. महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की जाएगी। लखपति दीदी योजना को मजबूत किया जाएगा, और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए नए अवसर मिलेंगे।
  4. ग्रामीण विकास: गांवों तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की रफ्तार तेज होगी।

आर्थिक सशक्तिकरण और अन्य विकास योजनाएं:

इस बजट में पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, खासकर आध्यात्मिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अवस्थापना ढांचे को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण सड़कों का विस्तार और गांवों तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया जाएगा।

युवाओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास और उद्यमिता के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे राज्य के युवा स्वरोजगार में सक्षम हो सकें। इसके साथ ही ग्रामीण शासन और पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे, ताकि गांवों में विकास की गति तेज हो सके।

इस बजट के जरिए धामी सरकार ने राज्य के सभी वर्गों को संतुष्ट करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया है।