Uttarakhand Budget Session 2026: दूसरे दिन Question Hour से शुरू हुई कार्यवाही, विपक्ष ने Law and Order पर मांगी चर्चा

Uttarakhand Budget Session 2026 का दूसरा दिन मंगलवार 10 मार्च को Gairsain के Bharadisain Vidhan Sabha Bhawan में शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही की शुरुआत परंपरा के अनुसार Question Hour से हुई, लेकिन इसके साथ ही विपक्ष ने Law and Order के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग भी उठाई।

इससे पहले सोमवार को सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया था। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10.41 प्रतिशत अधिक है।

सदन में रखी जाएंगी Economic Survey और CAG Report

आज की कार्यवाही के दौरान सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

Economic Survey Report

CAG Report

चार महत्वपूर्ण Ordinances (अध्यादेश)

इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष को पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से 600 से अधिक प्रश्न प्राप्त हुए हैं, जिनके जवाब Question Hour के दौरान मांगे जाएंगे।

सदन के पटल पर रखे जाएंगे ये चार अध्यादेश

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami आज सदन में चार अहम अध्यादेश पेश करेंगे:

Uttarakhand Shop and Establishment (Employment Regulation and Service Conditions) Amendment Ordinance 2025

Uttarakhand Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Ordinance 2025

Uttarakhand Goods and Services Tax (GST Amendment) Ordinance 2025

Uttarakhand Uniform Civil Code (UCC) Amendment Ordinance 2026

इन अध्यादेशों पर आगे सदन में चर्चा होने की संभावना है।

विपक्ष ने Law and Order पर चर्चा की मांग उठाई

सत्र की शुरुआत में ही विपक्षी दलों ने प्रदेश की law and order situation को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए चर्चा की मांग रखी।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को Rule 58 के तहत सुना जाएगा।

Budget 2026 को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला

विपक्ष ने सोमवार को पेश किए गए Uttarakhand Budget 2026 पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Leader of Opposition Yashpal Arya ने प्रेस बयान जारी कर बजट को “directionless, disappointing और ground reality से कटा हुआ” बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

बजट में नई सोच और ठोस योजनाओं की कमी है

सरकार केवल statistics और पुराने वादों को दोहरा रही है

राज्य का debt burden (कर्ज) लगातार बढ़ रहा है

कर्ज और बजट खर्च पर भी उठाए सवाल

यशपाल आर्या के अनुसार उत्तराखंड पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज हो चुका है, जो राज्य के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि FRBM Act के अनुसार राज्य का कर्ज GSDP के 25% तक सीमित होना चाहिए, लेकिन यह सीमा पहले ही पार हो चुकी है।

विपक्ष का यह भी आरोप है कि सरकार budget utilization में भी पीछे है और कुल बजट का बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं हो पा रहा।

किसानों, युवाओं और उद्योगों को लेकर भी उठी चिंता

विपक्ष का कहना है कि बजट में:

Farmers income growth के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है

MSP और कृषि उपकरणों पर GST जैसे मुद्दों का जिक्र नहीं है

Industrial development के लिए पर्याप्त capital investment नहीं किया गया

इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी संसाधनों की कमी को लेकर सवाल उठाए गए।

आगे क्या होगा Budget Session में

Uttarakhand Budget Session 2026 के अगले चरणों में:

बजट पर विस्तृत चर्चा होगी

विभिन्न विभागों के grant demands पर बहस होगी

सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना होगा

इस कारण आने वाले दिनों में Gairsain Assembly Budget Session में राजनीतिक माहौल और भी गर्म होने की संभावना है।