Government job to 187 youth in Uttarakhand, CM Dhami gave a big message
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में धर्मांतरण और अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासनिक जांच में धर्म परिवर्तन से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद संबंधित व्यक्ति के SC Certificate को निरस्त करने की संस्तुति जिला स्क्रूटनी समिति को भेज दी गई है।
यह मामला गदरपुर क्षेत्र के ग्राम मजारशीला का बताया जा रहा है, जहां शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू की थी।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक गांव निवासी अरविंद सैनी ने प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि इलाके में अवैध रूप से चर्च संचालित किया जा रहा है और लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त जांच की। जांच की निगरानी उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने की।
जांच में क्या सामने आया?
प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई कि संबंधित व्यक्ति मूल रूप से हिंदू धर्म के अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने कथित रूप से ईसाई धर्म अपना लिया।
अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सोशल मीडिया गतिविधियों को भी आधार बनाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा धर्म परिवर्तन से जुड़ी सार्वजनिक पोस्ट और सामग्री सामने आई हैं।
2019 में जारी हुआ था SC Certificate
प्रशासन के मुताबिक संबंधित व्यक्ति को 14 जनवरी 2019 को तहसीलदार गदरपुर की ओर से अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था।
अब राजस्व उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर इस SC Certificate को रद्द करने की सिफारिश जिला स्क्रूटनी समिति को भेजी गई है।
सुप्रीम कोर्ट और संविधान का हवाला
उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने बताया कि जांच प्रक्रिया संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश 1950 और Supreme Court Guidelines के अनुरूप की गई है।
उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय जिला स्क्रूटनी समिति द्वारा सभी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
तराई क्षेत्र में Conversion को लेकर बढ़ी हलचल
इस मामले के बीच खबरें सामने आई हैं कि तराई क्षेत्र के लगभग 80 गांवों में 105 जनजातीय लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया है। इसके बाद जिला प्रशासन और अधिक सक्रिय हो गया है।
नानकमत्ता क्षेत्र में सामने आए Conversion Case के बाद प्रशासन ने Special Investigation Team (SIT) गठित की है, जो पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
धर्मांतरण कानून पर सरकार सख्त
उत्तराखंड सरकार पहले से ही राज्य में Anti Conversion Law लागू कर चुकी है। धामी सरकार लगातार कहती रही है कि अवैध धर्मांतरण के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है तो उसे आरक्षण और जातिगत लाभों से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
आरक्षण और धर्म परिवर्तन पर फिर छिड़ी बहस
इस मामले के सामने आने के बाद Reservation Policy, SC Status और Religious Conversion को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच और सख्त हो सकती है।