उत्तराखंड में यूकॉस्ट जल शिक्षा कार्यक्रम 2025: हिमालयी जल संसाधनों में Isotopes का महत्व

उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) ने 29 अगस्त 2025 को “जल शिक्षा कार्यक्रम” के तहत “हिमालयी क्षेत्र के जल संसाधनों के अध्ययन में समस्थानिकों (Isotopes) के उपयोग” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने की और उन्होंने जल संरक्षण (Water Conservation) और जल सुरक्षा (Water Security) की महत्ता पर जोर दिया। प्रो. पंत ने बताया कि यूकॉस्ट का यह जल शिक्षा कार्यक्रम (Water Education Program) विद्यार्थियों और आम जनता को जल स्रोत प्रबंधन (Water Resource Management), जल संरक्षण और जल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) से जोड़ने के लिए शुरू किया गया है।

मुख्य वक्ता के रूप में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के भूविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिव प्रकाश राय ने “हिमालयी जल संसाधनों के अध्ययन में Isotopes Hydrology का उपयोग” पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. राय ने ग्लेशियर अध्ययन (Glacier Study), भागीरथी नदी का प्रवाह, Melt Water के समस्थानिक संकेतक, भूजल पुनर्भरण और जल स्रोतों की Connectivity पर विस्तार से जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का संचालन यूकॉस्ट के वैज्ञानिक कार्यक्रम समन्वयक डॉ. भवतोष शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मंजू सुन्द्रीयाल ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में साइंस सिटी सलाहकार डॉ. जीएस रौतेला, एमिरेट्स साइंटिस्ट प्रोफेसर अरुण कुमार त्यागी, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. मनमोहन रावत, डॉ. जगबीर अस्वाल और डॉ. राजेंद्र सिंह राणा सहित अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी स्टाफ उपस्थित रहे। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चंपावत, चमोली, बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार और देहरादून जिलों के शिक्षण संस्थानों, आंचलिक विज्ञान केंद्र अल्मोड़ा और यूकॉस्ट के पर्यावरण विज्ञान चेतना केंद्रों के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षक इस कार्यक्रम में शामिल हुए।