Dhami government's big statement on 4 years, reiterated resolve to save the identity of Devbhoomi
उत्तराखंड (Uttarakhand) में आज UCC Day के रूप में एक विशेष दिन मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से Uniform Civil Code (UCC) लागू करने का जो वादा किया था, उसे अपने संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड, जहां गंगा, यमुना, आदि कैलाश, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र धार्मिक स्थल स्थित हैं, वहीं से पूरे देश को समानता, न्याय और सामाजिक समरसता (Social Harmony) का संदेश दिया गया है।
संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को किया साकार
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 (Article 44) में निहित भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता को लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है।
उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को उत्तराखंड में UCC लागू होने के एक वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी अवसर पर राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में UCC दिवस मनाने का निर्णय लिया है।
प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रम और जनसंवाद
UCC Day के मौके पर उत्तराखंड के सभी जनपदों, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में
Awareness Programs,
जनसंवाद,
महिला सशक्तीकरण (Women Empowerment),
सामाजिक समानता (Social Equality)
से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में न्याय, सुरक्षा और समान अधिकार की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हुई है।
Char Dham Yatra 2026: शुरू हुई तैयारियां
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि Char Dham Yatra की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण आयोजन है।
इस वर्ष यात्रा को
अधिक Safe,
Well-Organized,
और Pilgrim-Friendly
बनाने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें की जाएंगी।
पिछली यात्राओं के अनुभवों से बेहतर होगी व्यवस्था
सीएम धामी ने कहा कि पिछले वर्ष मिले अनुभवों, सुझावों और फीडबैक के आधार पर इस बार की तैयारियां और भी अधिक मजबूत की जाएंगी।
सड़क
स्वास्थ्य सेवाएं
सुरक्षा व्यवस्था
यातायात
स्वच्छता
आपदा प्रबंधन
जैसे सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।