दो-दो PAN Card का खेल: आज़म खान और बेटे को 7 साल की सज़ा क्यों

समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को वर्ष 2019 के Dual PAN Card Case में दोषी करार देते हुए विशेष MP/MLA कोर्ट ने 7-7 वर्ष की सज़ा सुनाई है। यह मामला दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो PAN Cards हासिल करने से जुड़ा था।
सज़ा सुनाए जाने के बाद आज़म खान को रामपुर कोर्ट से भारी सुरक्षा में जिला जेल ले जाया गया। मीडिया के सवालों पर 77 वर्षीय नेता ने कहा, “अब कहने को क्या बचा है। अदालत का फैसला है। अगर उन्हें मुझे दोषी लगा, तो उन्होंने सज़ा दे दी।”

कोर्ट ने क्या पाया

विशेष मजिस्ट्रेट शोभित बंसल ने दस्तावेज़ी सबूतों और गवाहों की गवाही के आधार पर पिता-पुत्र दोनों को दोषी माना।
Prosecution Officer Rakesh Kumar Maurya और एडवोकेट स्वदेश शर्मा ने मामले की पैरवी की।

अदालत के मुताबिक:

– अब्दुल्ला आज़म ने एक PAN Card में 1 जनवरी 1993 को जन्मतिथि दिखाया, जो उनकी स्कूल और हाई स्कूल रिकॉर्ड से मेल खाती थी।
– इसी जन्मतिथि के आधार पर उन्होंने State Bank of India में बैंक खाता भी संचालित किया।
– आरोप यह था कि उन्होंने एक अतिरिक्त PAN Card फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए बनवाया।
– कोर्ट के अनुसार, यह सब “अपने पिता की साज़िश के तहत” किया गया।

किन धाराओं में सज़ा मिली

यह केस 2019 में BJP नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज हुआ था। आरोप IPC Sections 420, 467, 468, 471, और 120-B के अंतर्गत लगाए गए थे।
अदालत द्वारा सुनाई गई सज़ा:
– धारा 420 (Cheating): 3 वर्ष की सरल कैद + 10,000 रुपये जुर्माना
– धारा 467 (Forgery of valuable security): 7 वर्ष की कैद + 10,000 रुपये जुर्माना
– धारा 468 (Forgery for cheating): 3 वर्ष की कैद + 10,000 रुपये जुर्माना
– धारा 471 (Using forged document): 2 वर्ष की कैद + 10,000 रुपये जुर्माना
– धारा 120-B (Criminal Conspiracy): 1 वर्ष की कैद + 10,000 रुपये जुर्माना
Section 467 वह धारा है जिसमें अधिकतम सज़ा आजीवन कारावास तक हो सकती है, पर मजिस्ट्रेट की अधिकार सीमा के अनुसार अधिकतम 7 वर्ष की सज़ा दी गई।

जेल में गुजरे साल

– आज़म खान इससे पहले भी जेल में रह चुके हैं।
– सितंबर 2023 में वह 23 महीने बिताने के बाद रिहा हुए थे।
– इससे पहले वे 27 महीने लगातार जेल में रहे थे।
– उनके खिलाफ कुल 84 मामले दर्ज हैं।
– यह चौथा केस है जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया है।

क्या होगी अगली कानूनी कार्रवाई
प्रॉसिक्यूशन अधिकारी ने बताया कि:
– अदालत की ओर से दी गई 7 साल की सज़ा से वह अवधि कम की जाएगी जो आज़म खान पहले ही इस केस में न्यायिक हिरासत में बिताए चुके हैं।
– prosecution इस फैसले की समीक्षा करेगा और ज़रूरत पड़ने पर appeal दायर कर सकता है।
अदालत के फैसले के बाद दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।