Garhwal Region में ट्रांसपोर्टर आज सड़कों पर! जानिए क्यों किया गया चक्का जाम का ऐलान

उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में आज बुधवार को परिवहन महासंघ के आह्वान पर एक दिवसीय चक्का जाम (Transport Strike) रहेगा। इस बंद को देहरादून और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यूनियनों का भी पूरा समर्थन मिल गया है। ट्रांसपोर्टर ऋषिकेश और आसपास के कई इलाकों में वाहनों का संचालन पूरी तरह रोकेंगे।

Transport Unions का विरोध क्यों?

Tehri Garhwal Motor Owners Union (TGMO) कार्यालय में मंगलवार को विभिन्न यूनियनों — ट्रक, डंपर, विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा, ई-ऑटो और बस यूनियनों — की एक संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में TGMO अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि सोमवार को देहरादून में हुई वार्ता में Transport Secretary ने मांगें मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ट्रांसपोर्टर गजेंद्र नेगी ने कहा कि पिछले वर्ष truck load capacity increase को लेकर आंदोलन किया गया था, तब Transport Department ने 21 दिनों में समस्या सुलझाने का वादा किया था। लेकिन आज तक यह वादा अधूरा है।
भूपाल सिंह नेगी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की सभी प्रमुख demands विभाग को भेजी गई थीं, लेकिन एक भी मांग स्वीकार नहीं की गई। इसलिए अब पूरे Garhwal Region में एक दिन का चक्का जाम जरूरी हो गया है।

सभी यूनियनों का एकमत फैसला

Garhwal Truck Association के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा और बिजेंद्र कंडारी ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ट्रांसपोर्टरों की concerns को नज़रअंदाज़ कर रही है।
सभी यूनियनों की सहमति के बाद संयोजक संजय शास्त्री ने 29 अक्टूबर (बुधवार) को एक दिन के Chakka Jam का ऐलान किया।

बैठक में प्यारेलाल जुगरान, सुनील कुमार, हेमंत डंग, कृष्णा बडोनी, कुलदीप बहुगुणा, शक्ति सेमवाल, अमर सिंह, पुष्पेंद्र रावत समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रशासन से वार्ता बेनतीजा रही

बैठक में ट्रांसपोर्टरों को मनाने पहुंचे ARTO (Administration) रावत सिंह कटारिया और ARTO (Enforcement) रश्मि पंत ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की 10 सूत्रीय मांगों में से करीब 80% मुद्दों पर मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
इनमें प्रमुख मांगें शामिल थीं —

Vehicle Fitness Test को फिर से ARTO Office परिसर में शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजना

वाहन स्वामियों को एक वर्ष का टैक्स माफ करना

ड्राइवरों के लिए आर्थिक सहायता का प्रस्ताव शासन को भेजना

आपदा के दौरान अधिग्रहित वाहनों का किराया बढ़ाना

ट्रकों की भार क्षमता (Load Capacity) में बढ़ोतरी

National Permit Vehicles में एकरूपता लाना

हालांकि ट्रांसपोर्टरों ने साफ कहा कि जब तक written assurance नहीं मिलता, वे अपने निर्णय से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि चक्का जाम हर हाल में होगा।

Uttarakhand Transport Strike: Impact और Implications

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि Chakka Jam in Garhwal Region लंबा चला तो इसका असर Dehradun, Rishikesh, Tehri, और Srinagar तक देखने को मिल सकता है।
Public transport, goods movement और local commuting पूरी तरह प्रभावित होगी, जिससे economic activities पर भी असर पड़ने की संभावना है।