27 साल बाद पुर्तगाल जा रही हैं भारत की राष्ट्रपति! जानिए इस ऐतिहासिक यात्रा की अहमियत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पुर्तगाल और स्लोवाकिया यात्रा: India-EU Relations में नया अध्याय
नई दिल्ली – भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को अपनी द्विपक्षीय राजकीय यात्रा (bilateral state visit) के तहत पुर्तगाल और स्लोवाकिया के लिए रवाना हुईं। यह दो देशों की यात्रा भारत और यूरोपीय संघ (European Union) के साथ उसके संबंधों को एक नई दिशा देने का कार्य करेगी।
यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 27 वर्षों में यह पहली बार है जब कोई भारतीय राष्ट्रपति पुर्तगाल जा रहे हैं, और 29 वर्षों बाद स्लोवाकिया की यात्रा हो रही है।
Portugal Visit: Strategic Partner के साथ मजबूत होती Ties
यात्रा के पहले चरण में राष्ट्रपति मुर्मू लिस्बन पहुंचेंगी जहाँ वे पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा, प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जोस पेड्रो एगुइर-ब्रैंको से मुलाकात करेंगी। इस दौरान delegation-level talks भी होंगी, जिनमें व्यापार, शिक्षा, डिजिटल इनोवेशन और climate change जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
भारत और पुर्तगाल के बीच 50 सालों के डिप्लोमैटिक रिलेशन पूरे होने के उपलक्ष्य में यह यात्रा symbolic और strategic दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Slovakia Visit: 29 साल बाद भारत का High-Level Representation
यात्रा के दूसरे चरण में राष्ट्रपति स्लोवाकिया जाएंगी, जहाँ उनकी मुलाकात राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। यह बैठकें भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते सहयोग को और विस्तार देंगी, खासकर defence cooperation, tech exchange और economic collaboration जैसे क्षेत्रों में।
क्यों है यह यात्रा Crucial?
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यह यात्रा India-EU Relations को मजबूती देने का अवसर है।
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पुर्तगाल और स्लोवाकिया दोनों ही यूरोपीय संघ के Active Members हैं, जिनके साथ भारत strategic, economic, and cultural ties को और मजबूत करना चाहता है।
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Foreign Policy Perspective से यह एक Major Outreach है जो भारत की Global Diplomacy को नया आयाम दे सकती है।