Successful Operation Sindoor: Bravery was saluted through 'Vandan' program in MKP College
Dehradun News – Operation Sindoor Celebration: शनिवार को देहरादून स्थित MKP College में Snehl Foundation के साथ मिलकर Successful Operation Sindoor की सफलता को सम्मानित करते हुए एक भव्य Cultural Program ‘वंदन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य था — पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को सलामी देना और देश की बेटियों के सम्मान की रक्षा करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करना।
मिटे सिंदूर से बना ‘बारूद’: ममता सिंह की कविता ने छू लिया दिल
Snehl Foundation की अध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजिका डॉ. ममता सिंह ने एक भावनात्मक Patriotic Poem प्रस्तुत की, जो पहलगाम हमले के बाद देश की भावना और जज़्बे को दर्शाती है:
“पूछ-पूछ कर बहनों का सिंदूर मिटाया था तुमने,
उसी मिटे सिंदूर को ही बारूद बनाया है हमने,
चुटकी भर सिंदूर की कीमत कितनी भारी पड़ती है,
पहलगाम का बदला लेकर ये बतलाया है हमने।”
यह कविता श्रोताओं के दिलों को छू गई और सभागार देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
‘तेरी मिट्टी’ और ‘ऐ वतन’ पर भावुक हुईं छात्राएं
Fine Arts Department की छात्राओं ने ‘तेरी मिट्टी में मिल जावां..’ गीत पर भावुक प्रस्तुति दी, जबकि English Department की छात्राओं ने ‘ऐ वतन मेरे वतन, आबाद रहे तू..’ गाकर माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
वीरता को किया नमन
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सरिता कुमार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि हर भारतीय के आत्मसम्मान की जीत है। उन्होंने भारतीय सेना के Bravery & Courage को सलाम किया और कहा कि देश की बेटियों के सिंदूर की रक्षा करने वाले जवानों को यह देश हमेशा नमन करेगा।
कार्यक्रम में शामिल रहे कई गणमान्य
इस अवसर पर Dr. Shalini Uniyal, Dr. Kaushal Kumar (DAV College Principal), Jyotsna Sharma, Dr. Alka Mohan, Dr. Sangeeta Khullar, Dr. Archana Shukla, Dr. Neetu Tripathi, Poonam Singh, Dr. Aarti Sisodia, Shashi Bala Singh, Jagmohan Singh, और Rakesh Rana जैसे विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
Operation Sindoor Celebration at MKP College केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारत की बेटियों के सिंदूर, सेना के बलिदान और हर नागरिक की भावना का प्रतीक बना। यह आयोजन न सिर्फ सांस्कृतिक था बल्कि संदेशपूर्ण भी — कि भारत कभी अन्याय का जवाब बिना दे नहीं छोड़ता।