Uttarakhand News: Naturopathy hospitals to open in resort style, giving a new boost to wellness tourism.
उत्तराखंड में मानसून सीजन हर साल Natural Disasters और Floods की चुनौती लेकर आता है। इस दौरान सरकार की कार्यशैली और Chief Minister की नेतृत्व क्षमता की परीक्षा होती है। हाल ही में CM धामी ने इस साल की आपदाओं, चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बातचीत की।
आपदा प्रबंधन पर CM धामी का बयान
CM धामी ने कहा कि मानसून चुनौतीपूर्ण है और इस दौरान राज्य के कई जिले प्रभावित हुए। उत्तरकाशी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावितों को तत्काल मदद के रूप में ₹5 लाख तक की सहायता दी जा रही है। CM धामी ने यह भी कहा कि वह हर समय प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं और लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
चारधाम यात्रा का सुरक्षित संचालन
चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra 2025) का दूसरा चरण सितंबर में शुरू होगा। CM धामी ने कहा कि सड़कों और पुलों की मरम्मत 15 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी। सावन में कांवड़ यात्रा में लगभग 4.5 करोड़ शिव भक्त उत्तराखंड आए थे। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए Continuous Monitoring और Screening की जा रही है।
धर्मांतरण कानून और विपक्ष के आरोप
विपक्ष के आरोपों पर CM ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसी भी समुदाय को टारगेट करना नहीं है। धर्मांतरण कानून और समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का मकसद Education Transparency और Equal Opportunity लाना है। अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों में सुधार और सुधारित कानून के तहत बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
राजनीति और रोजगार योजनाएँ
उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार देने के लिए CM धामी ने 25,000 पदों पर भर्ती कर दी है। साथ ही Chief Minister Swaroopgar (Self-Employment) Schemes, Home-Stay Programs और वीरचंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। महिलाएं भी Entrepreneurship और Local Products के जरिए बाजार में सक्रिय हैं।
व्यक्तिगत बातें और दिनचर्या
CM धामी ने अपनी दिनचर्या, फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों पर भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वह सुबह 5 बजे उठते हैं, योग और ध्यान करते हैं, और रात 11-12 बजे तक काम करते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की कार्यशैली उनके लिए प्रेरणा स्रोत है।
सामाजिक गतिविधियाँ और परिवार
धामी ने अपनी पत्नी गीता धामी और उनके सामाजिक कार्यों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि गीता सामाजिक और महिला स्वयं सहायता समूहों के कार्यक्रमों में सक्रिय हैं।
लोकप्रियता और प्रशंसक
प्रशंसकों द्वारा उन्हें “धाकड़ धामी” कहे जाने पर CM ने कहा कि यह सम्मान है और वह इसे स्वीकार करते हैं।