SP Leader Azam Khan: रिहाई के बाद भी मुश्किलें बरकरार, जल्द आने वाले हैं इन मामलों में फैसले

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता आजम खां (Azam Khan) सीतापुर जेल से रिहा होकर रामपुर लौट आए हैं। लेकिन उनकी कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। CAG Report style की तरह कोर्ट के रिकॉर्ड बताते हैं कि उनके खिलाफ दर्ज 104 मामलों में से कई अभी pending हैं। इनमें से 59 मामले सेशन कोर्ट और 19 मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे हैं।

अब तक का केस रिकॉर्ड

कुल दर्ज केस: 104

सेशन कोर्ट में: 59

मजिस्ट्रेट कोर्ट में: 19

अब तक फैसला आए: 12

5 केसों में सजा

7 केसों में बरी

फिलहाल तीन बड़े मामले फैसले के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

भड़काऊ भाषण का मामला

2019 लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खां का एक video viral हुआ था, जिसमें उन पर मतदाताओं को पुलिस के खिलाफ भड़काने और मतदान अवधि के बाद वोट डालने के लिए उकसाने का आरोप है। यह केस आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है और अब फैसले के नजदीक है।

अमर सिंह परिवार पर विवादित टिप्पणी

2018 में अमर सिंह के परिवार को लेकर आपत्तिजनक बयान देने का केस भी decision stage पर है। यह केस पहले लखनऊ और बाद में Rampur MP-MLA Special Court में स्थानांतरित हुआ।

शत्रु संपत्ति विवाद

1 अक्टूबर को आजम खां को Rampur MP-MLA Court में व्यक्तिगत रूप से पेश होना है। पुलिस ने इस केस में नई धाराएं जोड़ी हैं, हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

यतीमखाना बस्ती केस

यतीमखाना विवाद में गवाहों की जिरह जारी है। 25 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।

सेना पर विवादित टिप्पणी

2017 में BJP विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज इस केस में आरोप है कि आजम खां ने सेना के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। इसमें भी बहस पूरी हो चुकी है और फैसला जल्द आ सकता है।

जौहर विश्वविद्यालय पर शिकंजा

आजम खां का dream project – मौलाना अली जौहर यूनिवर्सिटी भी जांच के घेरे में है।

Income Tax Department ने आरोप लगाया कि निर्माण में करीब ₹350 करोड़ की गड़बड़ी हुई।

विभाग ने जुर्माना और ब्याज मिलाकर ₹550 करोड़ की वसूली प्रक्रिया शुरू की है।

ED (Enforcement Directorate) भी आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम की संपत्तियों की जांच कर रही है।