राम मंदिर दान चोरी मामले में बेनामी संपत्तियों की जांच तेज, टिन्नू यादव के आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल में जुटी SIT

Ram Mandir Donation Theft Case की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब Special Investigation Team (SIT) यह पता लगाने में जुटी है कि क्या मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित रकम का इस्तेमाल Benami Property खरीदने या जमीन में निवेश करने के लिए किया गया। जांच एजेंसियां मुख्य आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की संपत्तियों, आर्थिक लेनदेन और उसके करीबी लोगों के नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।

बेनामी संपत्ति के एंगल पर फोकस

जांच के दौरान पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि टिन्नू यादव ने कथित तौर पर कुछ संपत्तियां अपने नाम के बजाय अन्य लोगों के माध्यम से खरीदी हो सकती हैं। इसी कड़ी में उसके किराएदार बताए जा रहे महेश कुमार की हालिया संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि हाल के कुछ Property Deals में चोरी की रकम का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

हालांकि, इस संबंध में अभी जांच जारी है और किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

महेश कुमार की संपत्ति भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियों के अनुसार, महेश कुमार ने हाल ही में लाखों रुपये की जमीन खरीदी थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस खरीद के लिए धनराशि का स्रोत क्या था और भुगतान Cash Transaction के जरिए हुआ या Bank Transfer के माध्यम से।

अधिकारियों का मानना है कि यदि आय के वैध स्रोत और संपत्ति के बीच अंतर मिलता है, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की भी जांच

SIT Investigation अब कथित आर्थिक नेटवर्क तक पहुंच गई है। पुलिस उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है जिनके संपर्क आरोपियों से बताए जा रहे हैं। जांच के तहत कुछ Real Estate कारोबारियों और आरोपियों के करीबी लोगों के बीच हुए संभावित लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, विभिन्न Land Deals से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और गवाहों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं निवेश किसी अन्य व्यक्ति के नाम से तो नहीं किया गया।

रिमांड के दौरान हो सकती है विस्तृत पूछताछ

पुलिस का कहना है कि कस्टडी रिमांड के दौरान टिन्नू यादव से Benami Assets, संपत्ति निवेश और आय के स्रोत को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। यदि वह संपत्ति के लिए वैध आय का स्रोत नहीं बता पाता है, तो जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन की दिशा में आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।

संपत्तियों का कराया जा रहा सत्यापन

जांच एजेंसियां आरोपियों और उनके करीबी लोगों की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन करा रही हैं। इसके लिए आसपास के जिलों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से संपत्ति खरीदकर कथित रकम को छिपाने का प्रयास किया गया।

फिलहाल Ram Mandir Donation Theft Case में वित्तीय लेनदेन, संपत्ति निवेश और आरोपियों के नेटवर्क की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।