Badrinath Donation Theft Case: Accused Pramod Nautiyal confesses to the crime; silver coins and cash recovered from his home.
Badrinath Temple Theft Case में पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। 30 जून को सेवानिवृत्त हुए पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले बीकेटीसी (BKTC) अध्यक्ष के वैयक्तिक सचिव प्रमोद नौटियाल को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस कर रही गहन पूछताछ
थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र चौहान को बदरीनाथ थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, जोशीमठ के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और मंदिर के कई कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
CCTV Footage से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने बदरीनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम से पिछले महीने की CCTV Hard Disk, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक जांच कराई। जांच में मिले फुटेज के आधार पर दावा किया जा रहा है कि 22, 25 और 29 जून की रिकॉर्डिंग में राजेंद्र चौहान कथित तौर पर गणना कक्ष में नकदी की हेराफेरी करते हुए दिखाई दिए। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
चार घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
Special Investigation Team (SIT) ने राजेंद्र चौहान से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 2:59 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी।
दान प्रबंधन में अनियमितताओं पर पहले भी हुई थी कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने दान और चढ़ावे के रिकॉर्ड की जांच कराई थी। जांच के दौरान रजिस्टर में Overwriting और चांदी के स्टॉक में दर्ज रिकॉर्ड से अंतर मिलने पर कोषाध्यक्ष संदेश मेहता को उनके पद से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था।
जांच समिति ने सौंपी 18 पन्नों की रिपोर्ट
मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति ने अपनी 18 पन्नों की Investigation Report मंदिर समिति को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश
जांच रिपोर्ट में Dress Code लागू करने, गणना केंद्र और मंदिर परिसर के ऐसे स्थानों पर नए CCTV Cameras लगाने की सिफारिश की गई है जहां निगरानी पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा मॉनिटरिंग सिस्टम को अधिक जवाबदेह बनाने और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे सुझाव भी शामिल किए गए हैं।